तेहरान/वाशिंगटन: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार से ईरान के विभिन्न ठिकानों पर शुरू हुई अमेरिकी बमबारी सोमवार को भी जारी रही। ईरानी सरकारी और स्थानीय मीडिया की रिपोर्टों के अनुसार, ताजा हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। दूसरी ओर, ईरान ने भी खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है।
अबादान में तीन स्थानों पर हमला
ईरान की सेमी-ऑफिशियल न्यूज एजेंसी ‘तसनीम’ ने खुज़ेस्तान प्रांत के डिप्टी गवर्नर के हवाले से बताया कि सोमवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 1:45 बजे दक्षिण-पश्चिम ईरान के अबादान शहर में तीन अलग-अलग स्थानों पर हमले किए गए।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इन हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हो गई और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। स्थानीय प्रशासन द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
बंदर अब्बास और क़ेश्म द्वीप के पास धमाके
ईरानी समाचार एजेंसी ‘मेहर’ के अनुसार, दक्षिणी ईरान के तटीय शहर बंदर अब्बास और क़ेश्म द्वीप के आसपास भी सोमवार दोपहर तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं। हालांकि, इन धमाकों से हुए नुकसान और हताहतों की आधिकारिक जानकारी तत्काल सामने नहीं आई है।
रक्षा मामलों के जानकारों का कहना है कि शुरुआती सैन्य कार्रवाई स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और उसके आसपास के तटीय क्षेत्रों तक सीमित थी, लेकिन अब हमलों का दायरा ईरान के अंदरूनी इलाकों तक बढ़ता दिखाई दे रहा है। इससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में व्यापक संघर्ष की आशंका और गहरी हो गई है।
राजनयिक बातचीत पर संकट
दोनों देशों के बीच जारी सैन्य टकराव का असर राजनयिक प्रयासों पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है। ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी हमलों के कारण ओमान की मध्यस्थता में चल रही शांति वार्ता कमजोर हो रही है।
बताया जा रहा है कि इस बातचीत का उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और दोनों देशों के बीच तनाव कम करना था। पक्षों के बीच 60 दिनों के भीतर किसी समझौते तक पहुंचने की समय-सीमा निर्धारित की गई थी, लेकिन ताजा हमलों के बाद बातचीत का भविष्य अनिश्चित हो गया है।
ईरान ने बताया अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन
ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन बताया है।
विदेश मंत्रालय ने सोमवार को जारी बयान में दावा किया कि पिछले 24 घंटों के दौरान ईरान के परिवहन ढांचे, मछली पकड़ने वाली नौकाओं, मालवाहक जहाजों, मौसम संबंधी प्रतिष्ठानों और कई इमारतों को निशाना बनाया गया है।
फिलहाल अमेरिका की ओर से ईरान के इन आरोपों और ताजा हमलों में हुए नुकसान को लेकर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लगातार हो रही सैन्य कार्रवाई से मध्य पूर्व में तनाव बढ़ गया है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर दोनों देशों के अगले कदम पर टिकी हुई है।

