जम्मू। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कारगिल के मिनिमार्ग चेकपॉइंट पर एक महिला पर्यटक और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई बहस के वायरल वीडियो पर प्रतिक्रिया दी है। वीडियो में महिला कथित तौर पर बार-बार खुद को ‘Gen Z’ बताते हुए सुरक्षाकर्मियों से बहस करती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री ने महिला के इस रवैये पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आजकल ‘हम Gen Z हैं’ कहना एक तरह के अधिकार या विशेषाधिकार जताने जैसा इस्तेमाल किया जा रहा है।
उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर दी प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ‘हम Gen Z हैं’ कहना अब कुछ लोगों के लिए पुराने वाक्य ‘जानते नहीं हो मेरे पिता कौन हैं’ जैसा बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि मामूली असुविधा या ठेस लगने पर Gen Z होने को धमकी की तरह इस्तेमाल करना इस पीढ़ी के प्रति बनी सकारात्मक धारणा को नुकसान पहुंचा सकता है।
उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि Gen Z के प्रति लोगों की अच्छी राय को खराब करने का सबसे आसान तरीका यही है कि थोड़ी सी भी परेशानी होने पर अपनी पीढ़ी का नाम एक तरह के विशेषाधिकार के रूप में इस्तेमाल किया जाए।
क्या है पूरा मामला?
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो जुलाई में रिकॉर्ड किया गया बताया जा रहा है। वीडियो में एक महिला पर्यटक चेकपॉइंट पर सुरक्षाकर्मियों के साथ बहस करती दिखाई देती है। जानकारी के मुताबिक, महिला अपने एक ग्रुप के साथ यात्रा कर रही थी और उन्हें चेकपॉइंट पर कई घंटों तक रुकना पड़ा था।
बताया जा रहा है कि मिनिमार्ग-ज़ोजिला-सोनमर्ग मार्ग पर सुरक्षा कारणों से आवाजाही को लेकर प्रतिबंध लगाए गए थे। इसी दौरान पर्यटकों के ग्रुप को द्रास क्षेत्र में मिनिमार चेक पोस्ट के पास रोक दिया गया था।
काफी देर तक इंतजार करने के कारण महिला और सुरक्षाकर्मियों के बीच बहस की स्थिति बन गई। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो में क्या नजर आया?
वायरल क्लिप में चेकपॉइंट के आसपास लोगों की भीड़ दिखाई देती है। महिला सुरक्षाकर्मियों के साथ बातचीत के दौरान अपने Gen Z होने का उल्लेख करती नजर आती है। उनका लहजा और सुरक्षाकर्मियों के साथ बहस करने का अंदाज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया।
वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने इस मामले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ यूजर्स ने महिला के व्यवहार की आलोचना की, जबकि कुछ लोगों ने यह सवाल भी उठाया कि यात्रियों को लंबे समय तक रोके जाने की स्थिति में उनकी परेशानी को भी समझा जाना चाहिए।
उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी क्यों चर्चा में?
उमर अब्दुल्ला की टिप्पणी के बाद मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है। मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर Gen Z पीढ़ी को निशाना बनाने के बजाय इस बात पर जोर दिया कि किसी भी पीढ़ी या पहचान को अधिकार जताने के साधन के रूप में इस्तेमाल करना उचित नहीं है।
उनकी टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर ‘हम Gen Z हैं’ वाले वीडियो को लेकर बहस तेज हो गई है। मामला अब केवल एक पर्यटक और सुरक्षाकर्मियों के बीच हुई बहस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि युवा पीढ़ी के व्यवहार और सार्वजनिक स्थानों पर जिम्मेदार आचरण को लेकर भी चर्चा का विषय बन गया है।

