नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश के छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने मंगलवार को ₹10,000 करोड़ के SME ग्रोथ फंड की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। इस फंड का उद्देश्य छोटे और मध्यम कारोबारों को विकास के लिए जरूरी पूंजी उपलब्ध कराना और उन्हें भविष्य की बड़ी कंपनियों के रूप में विकसित होने में मदद करना है।
यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। सरकार के अनुसार, SME सेक्टर देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार और निर्यात में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में इस क्षेत्र को लंबे समय के लिए पूंजी उपलब्ध कराने से कारोबारों के विस्तार और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
ग्रोथ कैपिटल की कमी होगी दूर
सरकार का कहना है कि SME ग्रोथ फंड का प्रमुख उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्यमों के सामने मौजूद ग्रोथ कैपिटल की कमी को दूर करना है। फंड का बड़ा हिस्सा मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े SMEs पर केंद्रित रहेगा। इसके अलावा सर्विस सेक्टर, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन आधारित कारोबार और रणनीतिक वैल्यू चेन से जुड़े उद्यमों को भी इससे सहायता मिलने की उम्मीद है।
लंबी अवधि की पूंजी मिलने से कंपनियां अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने और कारोबार का विस्तार करने में निवेश कर सकेंगी। इससे भारतीय SMEs को घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है।
AIF के जरिए किया जाएगा निवेश
इस योजना के तहत सरकार SME ग्रोथ फंड के ढांचे के अंतर्गत स्थापित Alternative Investment Fund (AIF) में कुल ₹10,000 करोड़ का योगदान करेगी। इसके जरिए योग्य छोटे और मध्यम उद्यमों में प्रत्यक्ष इक्विटी निवेश किया जाएगा।
इक्विटी पूंजी का इस्तेमाल कंपनियां अपने कारोबार को बढ़ाने, नई मशीनरी और तकनीक में निवेश करने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने तथा नए बाजारों में प्रवेश करने के लिए कर सकती हैं। सरकार का लक्ष्य ऐसे उद्यमों को मजबूत करना है, जिनमें आगे चलकर बड़े स्तर पर विस्तार करने की क्षमता मौजूद है।
मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट को मिलेगा समर्थन
भारत के आर्थिक विकास में MSME सेक्टर की अहम भूमिका है। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देश के MSME क्षेत्र का मैन्युफैक्चरिंग में करीब 35.4 प्रतिशत, निर्यात में 48.58 प्रतिशत और GDP में 31.1 प्रतिशत योगदान है।
देश में 7.47 करोड़ से अधिक MSME और संबंधित उद्यम बताए जाते हैं, जिनसे 32.82 करोड़ से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलता है। ऐसे में ₹10,000 करोड़ का नया ग्रोथ फंड छोटे और मध्यम कारोबारों के लिए विस्तार और निवेश का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।
सरकार को उम्मीद है कि इस पहल से भारतीय SMEs को वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं से जोड़ने, तकनीकी क्षमता मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही, सफल SMEs को भविष्य में बड़े और मजबूत भारतीय उद्यमों के रूप में विकसित करने की दिशा में भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

