देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। जून 2026 तिमाही में कंपनी ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए बाजार को सकारात्मक संकेत दिए हैं। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, आईटी सेक्टर में सुस्त मांग और भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद TCS ने मुनाफे, रेवेन्यू और कर्मचारियों की संख्या में अच्छी बढ़त दर्ज की है।
कंपनी के मुताबिक, जून तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर बढ़कर ₹13,349 करोड़ हो गया। पिछले साल की समान तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹12,760 करोड़ था। इस तरह TCS के मुनाफे में करीब 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली। हालांकि तिमाही आधार पर मुनाफे में कुछ दबाव रहा, लेकिन सालाना प्रदर्शन ने कंपनी की मजबूत स्थिति को दिखाया।
TCS की रेवेन्यू ग्रोथ भी इस तिमाही में अच्छी रही। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू बढ़कर ₹72,275 करोड़ पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 14 प्रतिशत ज्यादा है। रेवेन्यू में यह बढ़ोतरी कमजोर रुपये, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर से मांग और बड़े क्लाइंट्स के साथ जारी डील्स की वजह से देखने को मिली।
इस तिमाही की एक बड़ी बात कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी भी रही। TCS ने अप्रैल से जून 2026 के बीच 9,200 से ज्यादा नए कर्मचारियों को जोड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने तिमाही में 9,279 कर्मचारियों की नेट हायरिंग की। इसके साथ ही कंपनी का कुल हेडकाउंट बढ़कर करीब 5.93 लाख के स्तर पर पहुंच गया। यह संकेत देता है कि कंपनी आने वाले समय में नए प्रोजेक्ट्स और टेक्नोलॉजी डिमांड को लेकर आशावादी है।
TCS ने शेयरधारकों को भी राहत दी है। कंपनी के बोर्ड ने ₹1 फेस वैल्यू वाले प्रत्येक शेयर पर ₹12 का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 15 जुलाई 2026 तय की गई है। इससे निवेशकों के बीच कंपनी को लेकर भरोसा और मजबूत होने की उम्मीद है।
कंपनी के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर के. कृतिवासन ने कहा कि चुनौतीपूर्ण वैश्विक माहौल के बावजूद TCS ने ऑपरेशनल मजबूती बनाए रखी है। कंपनी का फोकस बड़े क्लाइंट्स, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों पर लगातार बना हुआ है।
TCS का कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू यानी ऑर्डर बुक इस तिमाही में 9.5 अरब डॉलर रही। साथ ही कंपनी की AI से जुड़ी सालाना आय बढ़कर 2.6 अरब डॉलर तक पहुंच गई। इससे साफ है कि TCS अब पारंपरिक आईटी सर्विसेज के साथ-साथ AI और डिजिटल टेक्नोलॉजी में भी अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।
कुल मिलाकर जून तिमाही के नतीजे TCS के लिए मजबूत रहे हैं। मुनाफे और रेवेन्यू में बढ़ोतरी, नई हायरिंग, डिविडेंड और AI बिजनेस में तेजी कंपनी के लिए सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं।

