Stock Market Highlights 15 April 2026: सेंसेक्स में जोरदार तेजी, निफ्टी में गिरावट, इंडिगो के शेयर चमके
भारतीय शेयर बाजार में 15 अप्रैल 2026 को मिला-जुला कारोबार देखने को मिला। जहां एक तरफ बीएसई सेंसेक्स में जोरदार तेजी दर्ज की गई, वहीं दूसरी ओर एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुआ। वैश्विक स्तर पर अमेरिका और ईरान के बीच संभावित सुलह वार्ता की उम्मीदों ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया।
सेंसेक्स में जबरदस्त उछाल
बुधवार को बीएसई सेंसेक्स 1263.67 अंकों की बढ़त के साथ 78,111.24 अंकों पर बंद हुआ, जो कि 1.64 प्रतिशत की तेजी को दर्शाता है। कारोबार की शुरुआत भी मजबूत रही थी और पूरे दिन बाजार में खरीदारी का माहौल बना रहा।
निफ्टी 50 में बड़ी गिरावट
इसके विपरीत, एनएसई का निफ्टी 50 इंडेक्स 388.65 अंक यानी 1.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,231.30 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि बाजार ने दिन की शुरुआत लगभग 1.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ की थी, लेकिन अंतिम घंटे में बिकवाली हावी हो गई और इंडेक्स लाल निशान में चला गया।
गौरतलब है कि सोमवार को बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई थी, जबकि मंगलवार को डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती के कारण बाजार बंद रहा था।
बाजार में ब्रॉड बेस्ड खरीदारी
आज के कारोबार में सेंसेक्स की 30 में से 27 कंपनियों के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि केवल 3 कंपनियों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं निफ्टी 50 की 50 में से 45 कंपनियों के शेयर हरे निशान में बंद हुए, जबकि 5 कंपनियों में कमजोरी देखने को मिली।
इससे साफ है कि बाजार में व्यापक स्तर पर खरीदारी का माहौल रहा, लेकिन कुछ बड़े इंडेक्स हैवीवेट शेयरों में दबाव के चलते निफ्टी नीचे आ गया।
इंडिगो के शेयरों में जबरदस्त तेजी
सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में शामिल इंडिगो के शेयर आज सबसे ज्यादा चमके और 4.63 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। एयरलाइन सेक्टर में यह तेजी निवेशकों के भरोसे को दर्शाती है।
वहीं दूसरी ओर, भारती एयरटेल के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई और यह 0.64 प्रतिशत नीचे बंद हुए।
वैश्विक संकेतों का असर
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत की उम्मीदों ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है। कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव में संभावित राहत की उम्मीद से बाजार में उतार-चढ़ाव देखा गया।
निष्कर्ष
आज का बाजार यह संकेत देता है कि निवेशकों का भरोसा बना हुआ है, लेकिन ग्लोबल अनिश्चितताएं अभी भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा रही हैं। आने वाले दिनों में अमेरिका-ईरान वार्ता और वैश्विक संकेत भारतीय बाजार की चाल को प्रभावित कर सकते हैं।

