Sachin Tendulkar Birthday Special: जब ‘क्रिकेट के भगवान’ ने पाकिस्तान के लिए की थी फील्डिंग
नई दिल्ली: क्रिकेट इतिहास के महानतम खिलाड़ियों में शामिल Sachin Tendulkar आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। ‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर में कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए, जिन्हें तोड़ना आज भी मुश्किल माना जाता है। हालांकि, उनके जीवन से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा ऐसा भी है, जिसके बारे में बहुत कम लोग जानते हैं—एक बार उन्होंने पाकिस्तान टीम के लिए फील्डिंग की थी।
यह घटना साल 1987 की है, जब सचिन तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम भी नहीं रखा था। उस समय वे एक युवा क्रिकेटर थे और मैदान पर मैच देखने के लिए अक्सर जाया करते थे। 20 जनवरी 1987 को India और Pakistan के बीच मुंबई के Brabourne Stadium में एक प्रदर्शनी (एग्जीबिशन) मैच खेला जा रहा था।
मैच के दौरान लंच ब्रेक के बाद एक दिलचस्प स्थिति बनी। पाकिस्तान टीम के खिलाड़ी Javed Miandad और Abdul Qadir आराम के लिए मैदान से बाहर चले गए। ऐसे में टीम को एक सब्स्टीट्यूट फील्डर की जरूरत पड़ी। उसी समय मैदान पर मौजूद युवा सचिन पर पाकिस्तान के कप्तान Imran Khan की नजर पड़ी।
इमरान खान ने सचिन से अनुरोध किया कि वे कुछ समय के लिए पाकिस्तान की ओर से फील्डिंग कर लें। सचिन ने भी बिना हिचकिचाहट यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया और करीब 25 मिनट तक पाकिस्तान के लिए फील्डिंग की। इस दौरान उनके पास Kapil Dev का एक कैच भी आया, लेकिन वह उसे पकड़ नहीं सके। हालांकि, यह घटना आज भी क्रिकेट इतिहास के सबसे अनोखे पलों में गिनी जाती है।
इसके करीब दो साल बाद, 1989 में सचिन तेंदुलकर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया और दिलचस्प बात यह है कि उनका पहला मुकाबला भी पाकिस्तान के खिलाफ ही था। यह मैच पाकिस्तान की धरती पर खेला गया था। अपने डेब्यू मैच में सचिन खास प्रदर्शन नहीं कर पाए और शून्य पर आउट हो गए, लेकिन इसके बाद उन्होंने जो सफर तय किया, वह इतिहास बन गया।
सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर में पाकिस्तान के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया। टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ 18 मैचों में 1057 रन बनाए, जिसमें 2 शतक और 7 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं, वनडे क्रिकेट में उन्होंने 69 मैचों में 2526 रन बनाए, जिसमें 5 शतक और 16 अर्धशतक शामिल हैं।
जिस टीम के लिए उन्होंने एक बार फील्डिंग की थी, उसी के खिलाफ उन्होंने बाद में जमकर रन बनाए और कई यादगार पारियां खेलीं। यही कारण है कि सचिन तेंदुलकर का करियर केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें ऐसे कई प्रेरणादायक और रोचक किस्से भी शामिल हैं।
आज उनके जन्मदिन पर यह किस्सा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि महान खिलाड़ी बनने से पहले भी सचिन में खेल के प्रति जुनून और समर्पण कितना गहरा था। यही जुनून उन्हें क्रिकेट के शिखर तक ले गया और उन्हें दुनिया भर में सम्मान दिलाया।

