मॉस्को: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के बीच एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूसी सेना को कीव पर 72 घंटे तक हमले रोकने का आदेश दिया है। यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने की कोशिशों के तहत मॉस्को पहुंचे हैं। दोनों अमेरिकी प्रतिनिधियों की रूसी नेतृत्व के साथ बातचीत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
तीन दिनों के लिए हमले रोकने का आदेश
क्रेमलिन से जुड़े अधिकारियों के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, पुतिन ने कीव पर रूसी हमलों को तीन दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया है। इस फैसले को अमेरिका और रूस के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत के संदर्भ में देखा जा रहा है।
यूक्रेन युद्ध अब लंबे समय से जारी है और इसके समाधान के लिए कई स्तरों पर बातचीत की कोशिशें होती रही हैं। ऐसे में राजधानी कीव पर 72 घंटे के लिए हमले रोकने का फैसला युद्ध की स्थिति में अस्थायी राहत का संकेत माना जा रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि इस अवधि के बाद रूस की सैन्य कार्रवाई किस रूप में आगे बढ़ेगी।
मॉस्को पहुंचे अमेरिकी प्रतिनिधि
अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शनिवार को मॉस्को पहुंचे। उनका दौरा रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को समाप्त करने के लिए बातचीत को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से हो रहा है।
मॉस्को पहुंचने के बाद दोनों प्रतिनिधियों का स्वागत रूसी राष्ट्रपति के प्रतिनिधि किरिल दिमित्रिएव ने किया। इसके बाद अमेरिकी प्रतिनिधियों का काफिला सरकारी हवाई अड्डे से शहर की ओर रवाना हुआ।
दिमित्रिएव इससे पहले भी रूस और अमेरिकी वार्ताकारों के बीच हुई बैठकों में शामिल रह चुके हैं। इसलिए इस बातचीत में उनकी भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पुतिन से होगी अहम बातचीत
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव के अनुसार, पुतिन शनिवार को विटकॉफ और कुशनर के साथ बातचीत करेंगे। बैठक में यूक्रेन युद्ध और उसे समाप्त करने के प्रयासों पर चर्चा होने की संभावना है।
रूसी नेतृत्व की ओर से संकेत दिया गया है कि अमेरिकी प्रतिनिधियों के साथ राष्ट्रपति की बातचीत पूरी होने के बाद मीडिया को इसकी जानकारी दी जाएगी। इससे माना जा रहा है कि बैठक में युद्ध को लेकर महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।
क्या युद्धविराम की दिशा में बढ़ेगा मामला?
कीव पर 72 घंटे के लिए हमले रोकने का फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिका की ओर से रूस के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यह कदम व्यापक युद्धविराम की दिशा में पहला संकेत हो सकता है।
हालांकि, अभी इसे स्थायी युद्धविराम नहीं माना जा सकता। तीन दिनों की यह अवधि सीमित है और इसके बाद सैन्य गतिविधियों की स्थिति क्या होगी, यह बातचीत के नतीजों पर निर्भर कर सकता है।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर मॉस्को में होने वाली पुतिन और अमेरिकी प्रतिनिधियों की बैठक पर है। अगर बातचीत में कोई ठोस सहमति बनती है, तो इसका असर रूस-यूक्रेन युद्ध की आगे की दिशा पर पड़ सकता है।

