ब्रातिस्लावा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्लोवाकिया दौरे ने भारत और स्लोवाकिया के संबंधों में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। स्लोवाकिया की राजधानी ब्रातिस्लावा पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का भव्य और पारंपरिक स्वागत किया गया। इस दौरान वहां मौजूद भारतीय समुदाय के लोगों ने ‘मोदी-मोदी’ और ‘भारत माता की जय’ के नारों से माहौल को उत्साह से भर दिया। वहीं, स्वागत समारोह में स्लोवाकिया के प्रसिद्ध सांस्कृतिक दल द्वारा प्रस्तुत ‘वंदे मातरम’ ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। जैसे ही प्रधानमंत्री कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, लोगों ने गर्मजोशी के साथ उनका अभिवादन किया। भारतीय समुदाय के सदस्यों में इस ऐतिहासिक दौरे को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। कई लोग हाथों में भारतीय तिरंगा लिए प्रधानमंत्री का स्वागत करते नजर आए।
स्वागत समारोह का सबसे खास पल तब आया जब स्लोवाकिया के सांस्कृतिक समूह ‘लुक्निका एन्सेम्बल’ ने भारत के राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की प्रस्तुति दी। इस दौरान पुरुष और महिला कलाकारों ने एक साथ सुरों में ‘वंदे मातरम’ गाया, जिससे पूरा वातावरण देशभक्ति की भावना से भर गया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कलाकारों की इस प्रस्तुति की जमकर सराहना की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे भारत-स्लोवाकिया मित्रता का प्रतीक बता रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत स्लोवाकिया की पारंपरिक संस्कृति के अनुसार ‘ब्रेड और नमक’ भेंट करके भी किया गया। स्लोवाक परंपरा में ब्रेड और नमक सम्मान, मित्रता और मेहमाननवाजी का प्रतीक माना जाता है। यह परंपरा किसी विशिष्ट अतिथि के स्वागत के लिए अपनाई जाती है और इसका विशेष सांस्कृतिक महत्व है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा कई मायनों में ऐतिहासिक मानी जा रही है। वर्ष 1993 में स्लोवाकिया के स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक यात्रा है। यही वजह है कि इस दौरे को लेकर दोनों देशों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। राजनीतिक और कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत और स्लोवाकिया के बीच आर्थिक, व्यापारिक और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा दे सकती है।
अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्लोवाकिया के प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान व्यापार, निवेश, रक्षा, रेलवे, तकनीक और अन्य द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। दोनों देशों के बीच सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करने और संबंधों को और मजबूत बनाने पर भी जोर दिया जाएगा।
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस का दौरा किया था, जहां उन्होंने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए कई अहम मुद्दों पर चर्चा की थी।
स्लोवाकिया में ‘वंदे मातरम’ की गूंज और भारतीय संस्कृति के प्रति दिखाए गए सम्मान ने इस दौरे को और भी यादगार बना दिया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को लोग भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा और सांस्कृतिक प्रभाव का प्रतीक बता रहे हैं।

