भारतीय सिनेमा जगत ने एक ऐसा कलाकार खो दिया है, जिसने अपनी दमदार अदाकारी और खलनायक के प्रभावशाली किरदारों से दर्शकों के दिलों में अलग पहचान बनाई। ‘लगान’ और ‘गजनी’ जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाने वाले वरिष्ठ अभिनेता प्रदीप रावत का 4 अगस्त को 74 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से स्टेज-4 कैंसर और हृदय संबंधी गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर से बॉलीवुड और दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्रदीप रावत ने अपने जीवन के सबसे कठिन दौर का जिक्र एक इंटरव्यू में किया था। उन्होंने बताया था कि एक फिल्म की शूटिंग पूरी करने के तुरंत बाद उन्हें अपनी गंभीर बीमारी के बारे में पता चला। शुरुआत में उन्हें मल में खून आने की समस्या हुई, जिसके बाद डॉक्टरों ने जांच की। जांच में पेट के अंदर ट्यूमर पाया गया, जिससे लगातार ब्लीडिंग हो रही थी। जब रिपोर्ट्स आईं तो परिवार के लोग टूट गए, लेकिन प्रदीप रावत ने खुद हिम्मत नहीं हारी।
उन्होंने बताया था कि जब पत्नी और बच्चे रो रहे थे, तब वे खुद उन्हें सांत्वना दे रहे थे। उनके शब्द थे, “मुझे कुछ नहीं होगा, तुम लोग परेशान मत हो।” कैंसर जैसी बीमारी का नाम सुनकर भी उनके मन में नकारात्मकता नहीं आई। वे अपनी आस्था और बजरंगबली के प्रति विश्वास के सहारे लगातार मानसिक रूप से मजबूत बने रहे।
प्रदीप रावत का स्वास्थ्य संघर्ष केवल कैंसर तक सीमित नहीं था। साल 2016 में उनकी बायपास सर्जरी हुई थी। सर्जरी के बाद उन्होंने करीब डेढ़ साल में 20 किलो वजन बढ़ाया था, लेकिन 2018 में कैंसर का पता चलने के बाद इलाज के दौरान उनका वजन फिर से काफी कम हो गया। शारीरिक रूप से कमजोर होने के बावजूद उनका मनोबल कभी नहीं टूटा।
उन्होंने कई बार कहा था कि उनकी मां के संस्कार और ईश्वर में विश्वास ने उन्हें हर मुश्किल से लड़ने की ताकत दी। उनकी मां अक्सर कहा करती थीं कि “अगर हरि साथ हैं तो डरने की कोई जरूरत नहीं।” यही विश्वास उनके जीवन का सबसे बड़ा सहारा बना।
प्रदीप रावत ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत बी.आर. चोपड़ा के ऐतिहासिक धारावाहिक ‘महाभारत’ से की थी, जिसमें उन्होंने राजा द्रुपद का किरदार निभाया। इसके बाद आशुतोष गोवारिकर की फिल्म ‘लगान’ में ‘देवा’ के रूप में उनकी भूमिका को काफी सराहा गया। हालांकि उन्हें सबसे बड़ी लोकप्रियता आमिर खान की फिल्म ‘गजनी’ से मिली, जिसमें उनके खतरनाक विलेन के किरदार ने उन्हें नई पहचान दिलाई।
हिंदी फिल्मों के अलावा उन्होंने तमिल, तेलुगु और अन्य दक्षिण भारतीय फिल्मों में भी कई दमदार भूमिकाएं निभाईं। वे उन कलाकारों में शामिल थे, जिन्होंने हर भाषा और हर माध्यम में अपनी अभिनय क्षमता का लोहा मनवाया।
प्रदीप रावत के निधन से भारतीय फिल्म उद्योग ने एक अनुभवी और प्रतिभाशाली अभिनेता को खो दिया है। उनकी यादगार भूमिकाएं, संघर्ष की प्रेरणादायक कहानी और विपरीत परिस्थितियों में भी अडिग रहने का उनका साहस हमेशा याद किया जाएगा। उनके प्रशंसक और फिल्म जगत के साथी कलाकार सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

