नई दिल्ली: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर उठे विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार का स्पष्ट रुख सामने रखा है। दिल्ली में आयोजित एनडीए संसदीय दल की ‘मंगल मिलन’ बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार छात्रों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने पेपर लीक जैसे मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और उन्हें सख्त सजा दिलाने पर जोर दिया।
बैठक के बाद केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री के संदेश की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ने कहा कि जैसे ही NEET पेपर लीक की खबर सामने आई, सरकार ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और मामले में शामिल कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।
छात्रों के हित को दी गई प्राथमिकता
किरण रिजिजू के अनुसार, प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना था कि किसी भी छात्र का भविष्य प्रभावित न हो। इसी कारण आवश्यक कदम उठाते हुए NEET की दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई। उन्होंने कहा कि पुनर्परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई और परिणाम भी बिना अनावश्यक देरी के घोषित किए गए, ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
प्रधानमंत्री ने इस दौरान कहा कि युवाओं का भविष्य देश की सबसे बड़ी पूंजी है और सरकार उनकी मेहनत तथा विश्वास की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
पेपर लीक के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई
बैठक में प्रधानमंत्री ने पेपर लीक में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की आवश्यकता पर भी जोर दिया। किरण रिजिजू ने बताया कि पीएम मोदी ने कहा कि इस अपराध में शामिल लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और अब उन्हें कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दिलाने के प्रयास किए जाने चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि देश के शीर्ष कानूनी विशेषज्ञों की मदद लेकर ऐसे मामलों में मजबूत पैरवी की जानी चाहिए, ताकि दोषियों को ऐसी सजा मिले जो भविष्य में इस तरह के अपराध करने वालों के लिए एक बड़ी चेतावनी बने।
पेपर लीक किसी एक राज्य का मुद्दा नहीं
प्रधानमंत्री ने बैठक में स्पष्ट कहा कि पेपर लीक केवल किसी एक राज्य या केंद्र सरकार का विषय नहीं है, बल्कि यह पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि जहां भी ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, वहां केंद्र और राज्य सरकारों को मिलकर कार्रवाई करनी चाहिए।
पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा राजनीतिक मतभेदों से ऊपर है और इसमें सभी दलों तथा सरकारों को एकजुट होकर काम करना चाहिए। उनका कहना था कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।
परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिया कि परीक्षा प्रक्रिया में आधुनिक तकनीक का अधिक उपयोग किया जाए और सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना खत्म हो सके।
छात्रों का भरोसा बनाए रखना सबसे बड़ी जिम्मेदारी
सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल दोषियों को सजा दिलाना ही नहीं, बल्कि देश की परीक्षा प्रणाली में छात्रों और अभिभावकों का विश्वास भी बनाए रखना है। प्रधानमंत्री ने दोहराया कि सरकार हर उस व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी जो युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा।
NEET पेपर लीक मामले पर प्रधानमंत्री के इस बयान को सरकार के सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में इस मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई और अदालतों में सुनवाई पर भी सभी की नजर बनी रहेगी।

