Jyeshtha Amavasya 2026: ज्येष्ठ अमावस्या पर बन रहा दुर्लभ संयोग, स्नान-दान से मिलेगा पुण्य लाभ
हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान और पितरों का तर्पण करने से पुण्य प्राप्त होता है और पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है। इसी तरह ज्येष्ठ माह की अमावस्या को भी अत्यंत शुभ माना जाता है, जिसे ज्येष्ठ अमावस्या कहा जाता है। इस वर्ष यह तिथि विशेष योगों के साथ और भी अधिक फलदायी मानी जा रही है।
ज्येष्ठ अमावस्या 2026 की तिथि
पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ अमावस्या तिथि का आरंभ 16 मई 2026 की देर रात 1:31 बजे होगा। उदया तिथि के अनुसार, ज्येष्ठ अमावस्या का पर्व 16 मई 2026 को ही मनाया जाएगा और इसी दिन स्नान-दान का विशेष महत्व रहेगा।
बन रहा है शुभ और दुर्लभ योग
इस वर्ष ज्येष्ठ अमावस्या शनिवार के दिन पड़ रही है, जिसके कारण इसे विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। इसके साथ ही इस दिन शनि जयंती का भी संयोग बन रहा है, जो इस तिथि को और अधिक महत्वपूर्ण बनाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, शनिश्चरी अमावस्या पर किए गए उपाय शनि दोष, ढैय्या और साढ़ेसाती के प्रभाव को कम करने में सहायक होते हैं। ऐसे में यह दिन आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है।
ज्येष्ठ अमावस्या पर क्या करें दान?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और पितृ दोष से भी मुक्ति मिलती है। इस दिन इन चीजों का दान अत्यंत शुभ माना गया है—
- काले तिल
- छाता
- जूते-चप्पल
- भोजन और वस्त्र
ज्येष्ठ अमावस्या का महत्व
इस दिन गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करने और दान-पुण्य करने से व्यक्ति को विशेष फल की प्राप्ति होती है। माना जाता है कि इससे पितरों का आशीर्वाद मिलता है और जीवन में सुख-शांति और समृद्धि बढ़ती है।
निष्कर्ष:
ज्येष्ठ अमावस्या 2026 धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन किए गए स्नान-दान और उपाय व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।

