21 Apr 2026, Tue

Israel US Iran War Live: ट्रंप ने फिर ईरान को धमकाया, कहा-वार्ता नहीं की तो पहले कभी न देखी गई मुसीबत का करना होगा सामना

Israel-US-Iran Tensions Live: सीजफायर खत्म होने से पहले बढ़ा तनाव, ट्रंप की चेतावनी से हालात और गंभीर

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंचता नजर आ रहा है। सीजफायर खत्म होने में अब सिर्फ एक दिन का समय बचा है, ऐसे में दोनों देशों के बीच बयानबाजी और सैन्य गतिविधियों ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसने बातचीत नहीं की, तो उसे “पहले कभी न देखी गई समस्याओं” का सामना करना पड़ेगा।

इस बीच कूटनीतिक स्तर पर हलचल भी तेज है। अमेरिका ने उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, जरेड कुश्नर और विशेष दूत स्टीव विटकॉफ की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय टीम को इस्लामाबाद भेजा है, जहां संभावित शांति वार्ता की तैयारी की जा रही है। हालांकि, अभी तक दूसरे दौर की बातचीत को लेकर कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है।

अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि वह ईरान के साथ एक ऐसा समझौता करना चाहता है जो Joint Comprehensive Plan of Action (JCPOA) से “कहीं बेहतर” हो। ट्रंप ने अपने बयान में पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की परमाणु डील की आलोचना करते हुए इसे अमेरिका की सुरक्षा के लिए नुकसानदायक बताया।

दूसरी ओर, ईरान का रुख फिलहाल सख्त बना हुआ है। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने स्पष्ट कहा है कि धमकियों के साये में किसी भी प्रकार की वार्ता स्वीकार नहीं की जाएगी। उनका आरोप है कि अमेरिका होर्मुज क्षेत्र में नाकेबंदी और सैन्य दबाव बनाकर ईरान को झुकाने की कोशिश कर रहा है।

तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब ईरान ने अमेरिका पर एक वाणिज्यिक जहाज को जब्त करने और उसके चालक दल को हिरासत में लेने का आरोप लगाया। ईरानी विदेश मंत्रालय ने इसे “समुद्री डकैती” और “युद्धविराम का उल्लंघन” करार देते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।

इस बीच Strait of Hormuz में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी नाकेबंदी के बावजूद ईरान का एक कार्गो जहाज इस जलडमरूमध्य को पार कर भारत की ओर रवाना हो गया है। यह घटना क्षेत्र में बढ़ते तनाव और संभावित टकराव की आशंका को और गहरा करती है।

सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान ने भी इस्लामाबाद में संभावित वार्ता के लिए उच्च सुरक्षा व्यवस्था करते हुए “रेड ज़ोन” तैयार कर लिया है। शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर के नेतृत्व में सुरक्षा इंतजाम कड़े किए गए हैं।

ट्रंप ने एक बार फिर दोहराया है कि किसी भी समझौते की शर्त स्पष्ट है—ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह छोड़ना होगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि बातचीत विफल होती है, तो इसके परिणाम “विनाशकारी” हो सकते हैं।

वर्तमान हालात को देखते हुए वैश्विक समुदाय की चिंता बढ़ती जा रही है। एक तरफ कूटनीतिक प्रयास जारी हैं, वहीं दूसरी ओर सैन्य गतिविधियों और कड़े बयानों ने स्थिति को बेहद नाजुक बना दिया है। आने वाले 24 घंटे यह तय करेंगे कि यह तनाव शांति वार्ता में बदलेगा या एक बड़े संघर्ष का रूप लेगा।

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