Israel–US–Iran War Live: खाड़ी में अमेरिकी युद्धपोत गायब, ईरान की धमकी से बढ़ा तनाव; लेबनान में इजरायली हमले जारी
तेहरान/वाशिंगटन/तेल अवीव: मध्य पूर्व में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। Donald Trump द्वारा ईरानी बंदरगाहों की “पूर्ण नाकाबंदी” की घोषणा के बावजूद खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी युद्धपोतों की गैरमौजूदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्लॉकेड के ऐलान के बाद भी अमेरिकी नौसेना की सक्रिय मौजूदगी नजर नहीं आ रही, जिससे इस रणनीति की गंभीरता और प्रभावशीलता पर चर्चा तेज हो गई है।
ईरान की कड़ी चेतावनी
इस बीच ईरान ने अमेरिका को सख्त चेतावनी दी है। तेहरान ने कहा है कि यदि अमेरिकी नौसैनिक कार्रवाई जारी रहती है, तो वह रेड सी, पर्शियन गल्फ और ओमान सागर में व्यापारिक मार्गों को बाधित कर सकता है। यह वैश्विक ऊर्जा सप्लाई के लिए बड़ा खतरा बन सकता है।
शांति वार्ता की कोशिशें जारी
ईरान और अमेरिका के बीच पहले दौर की शांति वार्ता विफल होने के बाद अब दूसरे दौर की बातचीत की तैयारी की जा रही है। पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर ईरान पहुंच चुके हैं, जहां वे नई वार्ता की भूमिका तैयार कर रहे हैं। वहीं व्हाइट हाउस ने संकेत दिए हैं कि अगली बातचीत इस्लामाबाद में हो सकती है।
चीन का हस्तक्षेप
चीन ने इस पूरे मामले में सक्रिय भूमिका निभाते हुए अमेरिका और इजरायल से ईरान की संप्रभुता का सम्मान करने की अपील की है। साथ ही, उसने होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य जहाजरानी बहाल करने का आग्रह किया है, ताकि वैश्विक ऊर्जा संकट को टाला जा सके।
लेबनान में बढ़ा संघर्ष
दूसरी ओर, Israel और Hezbollah के बीच संघर्ष तेज हो गया है। इजरायली सेना लगातार दक्षिणी लेबनान में हवाई हमले कर रही है। तायर और तेबनीन जैसे इलाकों में हुए हमलों के बाद भारी तबाही की खबरें हैं। एक सरकारी अस्पताल के पास हुए हमले में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हालिया हमलों में कम से कम चार लोगों की मौत हुई है, जिनमें बचावकर्मी भी शामिल हैं। यह स्थिति मानवीय संकट को और गहरा कर रही है।
जमीनी हालात और जन प्रतिक्रिया
ईरान में जहां एक ओर युद्ध का खतरा बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर आम जिंदगी धीरे-धीरे पटरी पर लौटती दिख रही है। तेहरान में लोग सामान्य दिनचर्या में लौट रहे हैं, हालांकि अनिश्चितता का माहौल अभी भी कायम है।
वहीं, ईरान में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर अपनी सेना और Islamic Revolutionary Guard Corps के समर्थन में रैलियां निकाल रहे हैं। इससे देश के भीतर राष्ट्रवाद और एकजुटता का माहौल देखने को मिल रहा है।
विवादित बयान और आरोप
इस बीच सोशल मीडिया पर एक कथित इजरायली सैनिक का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उसने गाजा में बच्चों की हत्या से जुड़े विवादित बयान दिए हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इससे तनाव और बढ़ गया है।
साथ ही, ईरानी प्रोफेसर ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस वार्ता के दौरान इजरायली प्रधानमंत्री को जानकारी दे रहे थे, जिसे उन्होंने प्रोटोकॉल का उल्लंघन बताया।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, मध्य पूर्व में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं। एक तरफ शांति वार्ता की कोशिशें जारी हैं, तो दूसरी ओर सैन्य गतिविधियां और धमकियां तनाव को और बढ़ा रही हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि कूटनीति इस संकट को सुलझा पाती है या स्थिति और गंभीर रूप लेती है।

