भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की वनडे सीरीज शुरू होने से पहले मेहमान टीम को बड़ा झटका लगा है। न्यूजीलैंड के दो अहम खिलाड़ी मार्क चैपमैन और रचिन रवींद्र चोट के कारण सीरीज से बाहर हो गए हैं। दोनों खिलाड़ी अभी तक पूरी तरह फिट नहीं हो पाए हैं। ऐसे में न्यूजीलैंड के टीम प्रबंधन को अपने वनडे स्क्वाड में बदलाव करने पड़े हैं। इन खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी से टीम की बल्लेबाजी और ऑलराउंड विकल्पों पर असर पड़ सकता है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज का पहला मुकाबला 4 नवंबर को ऑकलैंड में खेले जाने की जानकारी दी गई है। दोनों टीमें टी20 मुकाबलों के बाद अब वनडे प्रारूप में आमने-सामने होंगी। सीरीज शुरू होने से ठीक पहले खिलाड़ियों की चोट ने न्यूजीलैंड की तैयारियों को प्रभावित किया है।
मार्क चैपमैन हैमस्ट्रिंग की चोट से परेशान
न्यूजीलैंड के बल्लेबाज मार्क चैपमैन हैमस्ट्रिंग की समस्या से जूझ रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें पूरी तरह फिट होने में लगभग दो सप्ताह का समय लग सकता है। ऐसे में उनका वनडे सीरीज में हिस्सा लेना संभव नहीं हो पाएगा।
चैपमैन मध्यक्रम में उपयोगी बल्लेबाजी करने के साथ टीम को स्थिरता देने की क्षमता रखते हैं। उनकी अनुपस्थिति में न्यूजीलैंड को बल्लेबाजी क्रम में नए विकल्पों पर भरोसा करना होगा। टीम प्रबंधन के सामने यह चुनौती होगी कि उपलब्ध खिलाड़ियों के बीच सही संयोजन तैयार किया जाए।
कंधे की चोट के कारण रचिन रवींद्र भी बाहर
रचिन रवींद्र भी चोट के कारण सीरीज में नहीं खेल पाएंगे। जानकारी के मुताबिक, एक प्रमोशनल शूट के दौरान उनका कंधा खिसक गया था। इसके बाद से वह पूरी तरह फिट नहीं हो सके हैं और मैदान पर वापसी करने के लिए उन्हें अभी और समय चाहिए।
रचिन न्यूजीलैंड के महत्वपूर्ण ऑलराउंडरों में गिने जाते हैं। वह बल्लेबाजी के साथ गेंदबाजी में भी योगदान दे सकते हैं। ऐसे में उनकी गैरमौजूदगी टीम के लिए चुनौती बन सकती है। न्यूजीलैंड को उनकी जगह दूसरे खिलाड़ियों से अतिरिक्त जिम्मेदारी निभाने की उम्मीद होगी।
टीम में शामिल किए गए नए खिलाड़ी
दो खिलाड़ियों के बाहर होने के बाद न्यूजीलैंड ने अपने स्क्वाड में कई बदलाव किए हैं। टिम सीफर्ट को अब शुरुआती तीन वनडे मुकाबलों के लिए भी टीम में शामिल किया गया है। इससे पहले उन्हें अंतिम दो मैचों के लिए चुना गया था। टी20 सीरीज के दौरान सीफर्ट ने अच्छी फॉर्म दिखाई थी, जिससे टीम को उनसे वनडे प्रारूप में भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी।
इसके अलावा हेनरी निकोल्स को पहले वनडे मुकाबले के लिए टीम में शामिल किया गया है, जबकि डीन फॉक्सक्रॉफ्ट को अंतिम दो मैचों के लिए जगह दी गई है। मैट फिशर को भी शुरुआती तीन मैचों के लिए उपलब्ध कराया गया है। इस बदलाव से न्यूजीलैंड के पास खिलाड़ियों के चयन के अधिक विकल्प होंगे।
भारत के खिलाफ चुनौती आसान नहीं
भारत के खिलाफ पांच मैचों की वनडे सीरीज न्यूजीलैंड के लिए अहम होगी। चोट के कारण प्रमुख खिलाड़ियों के बाहर होने से टीम का संतुलन प्रभावित हो सकता है। हालांकि, नए खिलाड़ियों को मौका मिलने से टीम के पास अपनी क्षमता दिखाने का अवसर भी रहेगा।
अब देखना होगा कि न्यूजीलैंड की टीम इन बदलावों के साथ भारतीय चुनौती का सामना कैसे करती है। वहीं, भारतीय टीम घरेलू परिस्थितियों में मजबूत प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी। सीरीज का पहला मुकाबला दोनों टीमों के लिए आगे की रणनीति तय करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

