नई दिल्ली। सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े जबरन वसूली मामले में अभिनेत्री नोरा फतेही के अदालत में पेश नहीं होने पर कोर्ट ने नाराजगी जताई है। मामले की सुनवाई दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट में होनी थी, जहां नोरा फतेही को अभियोजन पक्ष की ओर से गवाही देने के लिए उपस्थित होना था। उनकी अनुपस्थिति पर अदालत ने स्पष्ट किया कि न्यायिक प्रक्रिया को गंभीरता से लेना जरूरी है और कोर्ट को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
अदालत ने नोरा फतेही को दोबारा समन जारी करते हुए 6 नवंबर को गवाही के लिए पेश होने का निर्देश दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई निर्धारित तारीख पर होगी।
पेशी से छूट की मांग पर कोर्ट ने जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान नोरा फतेही के वकील ने उनकी ओर से अदालत में पेश होने से छूट देने का अनुरोध किया। हालांकि, अदालत ने इस स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की। कोर्ट का कहना था कि जब किसी व्यक्ति को गवाही के लिए बुलाया जाता है, तो उसे न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना चाहिए।
नोरा फतेही को इससे पहले भी अदालत में उपस्थित होने के लिए कहा गया था। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उन्हें निर्धारित तारीख पर पेश होकर अपना बयान दर्ज कराने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद उनके उपस्थित नहीं होने के कारण सुनवाई आगे बढ़ानी पड़ी।
दिल्ली पुलिस ने अदालत को क्या बताया?
सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अदालत को बताया कि उसे इस बात की जानकारी नहीं थी कि नोरा फतेही उस दिन कोर्ट में पेश होंगी या नहीं। पुलिस के अनुसार, उन्हें 22 अक्टूबर को ही पेशी से संबंधित नोटिस भेज दिया गया था।
पुलिस ने यह भी बताया कि नोटिस ईमेल और व्हाट्सऐप के माध्यम से भेजा गया था। इसके अलावा, उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश भी की गई थी, लेकिन पुलिस के मुताबिक उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला।
इन तथ्यों के सामने आने के बाद अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अगली तारीख पर उनकी उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए समन जारी किया।
अभियोजन पक्ष की गवाह बनाई गई हैं नोरा फतेही
यह मामला कथित जबरन वसूली से जुड़ा है, जिसमें सुकेश चंद्रशेखर का नाम सामने आया है। मामले की जांच के दौरान अभिनेत्री नोरा फतेही का नाम भी सामने आया था। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें इस मामले में दाखिल तीसरी पूरक आरोपपत्र में अभियोजन पक्ष का गवाह बनाया गया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से गवाही का उद्देश्य मामले से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों को अदालत के सामने रखना होता है। हालांकि, किसी व्यक्ति का गवाह के रूप में नाम होना अपने आप में अपराध में संलिप्तता साबित नहीं करता। मामले से जुड़े निष्कर्ष अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर तय होते हैं।
6 नवंबर को होगी अगली सुनवाई
अब अदालत ने नोरा फतेही को 6 नवंबर को उपस्थित होकर गवाही देने का निर्देश दिया है। अगली सुनवाई में उनकी उपस्थिति और बयान दर्ज होने से मामले की कार्यवाही आगे बढ़ने की संभावना है।
फिलहाल, अदालत की नाराजगी और दोबारा जारी समन के बाद इस मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। आगे की कार्रवाई इस बात पर निर्भर करेगी कि निर्धारित तारीख पर नोरा फतेही अदालत में उपस्थित होती हैं या नहीं और सुनवाई के दौरान क्या तथ्य सामने आते हैं।

