देशभर में सोने की खरीदारी में उछाल, ज्वेलरी बाजारों में भारी भीड़
देशभर में इन दिनों सोने की खरीदारी में अचानक तेज़ी देखी जा रही है। ज्वेलरी शोरूम और बाजारों में ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है, खासकर शादी के सीजन को देखते हुए ब्राइडल ज्वेलरी की मांग में बड़ा उछाल दर्ज किया गया है।
हालांकि हाल ही में प्रधानमंत्री की ओर से लोगों से एक साल तक सोना खरीदने से बचने की अपील के बाद भी बाजार में इसका उल्टा असर देखने को मिल रहा है और खरीदारी में तेजी बनी हुई है।
शादी के सीजन ने बढ़ाई मांग
ज्वेलर्स के अनुसार, शादी-ब्याह के सीजन के चलते सोने की ज्वेलरी की खरीदारी लगातार बढ़ रही है। कई लोग आने वाले महीनों की शादियों के लिए अभी से गहनों की खरीद कर रहे हैं ताकि भविष्य में संभावित महंगाई से बचा जा सके।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में ब्राइडल ज्वेलरी की बिक्री में करीब 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई है। मुंबई के जवेरी बाजार से लेकर दक्षिण भारत के बड़े शहरों तक सोने की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ बनी हुई है।
भविष्य की कीमतों को लेकर डर
बाजार में इस तेजी की एक बड़ी वजह सोने की कीमतों और टैक्स को लेकर फैली अनिश्चितता भी बताई जा रही है। लोगों के बीच यह चर्चा तेज है कि इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने के बाद सरकार जीएसटी में भी बदलाव कर सकती है या सोने की खरीद पर नए नियम लागू किए जा सकते हैं।
हालांकि ज्वेलर्स का कहना है कि सरकार की ओर से इस तरह का कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन अफवाहों के कारण बाजार में “पैनिक बाइंग” का माहौल बन गया है।
अफवाहों से बढ़ी खरीदारी
अनिश्चितता के माहौल में ग्राहक जल्द से जल्द खरीदारी करने की कोशिश कर रहे हैं। ज्वेलरी कारोबारियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों में ग्राहकों की संख्या में अचानक वृद्धि देखी गई है, जिससे बिक्री में भी बढ़ोतरी हुई है।
भारतीय संस्कृति में सोने का महत्व
भारत में सोना केवल निवेश का साधन नहीं बल्कि परंपरा और सामाजिक प्रतिष्ठा का प्रतीक भी माना जाता है। शादी-ब्याह, त्योहार और शुभ अवसरों पर सोने की खरीद को विशेष महत्व दिया जाता है। यही कारण है कि लोग किसी भी संभावित महंगाई या नियम बदलाव से पहले खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं।
उद्योग की सरकार से मांग
ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल ने सरकार से इस विषय पर चर्चा की मांग की है। उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि ऐसी नीतियां बनाई जानी चाहिए जिससे सोने के आयात पर निर्भरता कम हो और देश में मौजूद निष्क्रिय सोना अर्थव्यवस्था में बेहतर तरीके से उपयोग हो सके।
फिलहाल बाजार में तेजी बनी हुई है और आने वाले दिनों में सोने की खरीदारी के रुझान पर सभी की नजर टिकी हुई है।

