राजधानी दिल्ली में नकली सीमेंट बनाने वाले बड़े रैकेट का खुलासा हुआ है। Delhi Police Crime Branch ने कार्रवाई करते हुए नकली सीमेंट तैयार करने वाली दो फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया है। यह कार्रवाई मंडोली और जवाहर नगर इंडस्ट्रियल एरिया में की गई, जहां लंबे समय से नकली ब्रांडेड सीमेंट तैयार कर बाजार में सप्लाई किए जाने की सूचना मिल रही थी। पुलिस ने मौके से सैकड़ों बोरी फर्जी सीमेंट, मिलावटी सामग्री और मशहूर कंपनी के नाम वाली हजारों खाली बोरियां बरामद की हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह पूरा रैकेट बेहद संगठित तरीके से चलाया जा रहा था। जांच में पता चला है कि एक्सपायर और खराब हो चुके सीमेंट में क्लिंकर और अन्य सामग्री मिलाकर उसे दोबारा तैयार किया जाता था। इसके बाद इस मिलावटी सीमेंट को एक नामी सीमेंट कंपनी के नकली बैग में भरकर बाजार में असली ब्रांड के नाम पर बेचा जा रहा था। इससे न सिर्फ ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी हो रही थी, बल्कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ सकती थी।
क्राइम ब्रांच को इस अवैध कारोबार की जानकारी गुप्त सूचना के जरिए मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने दोनों फैक्ट्रियों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, जबकि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि यह गिरोह लंबे समय से नकली सीमेंट बनाकर दिल्ली और आसपास के इलाकों में सप्लाई कर रहा था।
रेड के दौरान पुलिस ने भारी मात्रा में फर्जी सामग्री बरामद की। पुलिस के मुताबिक, मौके से मशहूर सीमेंट कंपनी के नाम वाली 2,725 खाली नकली बोरियां बरामद हुईं। इसके अलावा 341 भरी हुई फर्जी सीमेंट की बोरियां भी मिलीं, जिन्हें बाजार में सप्लाई करने की तैयारी थी। छापेमारी में बड़ी मात्रा में मिलावटी सीमेंट, क्लिंकर मटेरियल और लगभग 1,780 खराब सीमेंट की बोरियां भी बरामद की गईं। जांच एजेंसियों का मानना है कि खराब और एक्सपायर सीमेंट को मिलाकर नया उत्पाद तैयार किया जा रहा था, जिससे निर्माण कार्यों की मजबूती पर गंभीर असर पड़ सकता था।
पुलिस ने फैक्ट्री में इस्तेमाल हो रही अवैध मशीनों को भी जब्त कर लिया है। साथ ही दोनों फैक्ट्री परिसरों को सील कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह का नकली सीमेंट निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने पर इमारतों और ढांचों की गुणवत्ता कमजोर हो सकती है, जिससे भविष्य में हादसों का खतरा बढ़ जाता है। यही कारण है कि मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क की आर्थिक गतिविधियों और सप्लाई चैन की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस फर्जी कारोबार में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा नकली सीमेंट किन-किन इलाकों में भेजा जा रहा था। मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

