नई दिल्ली: पिछले कुछ वर्षों से यह चर्चा तेज रही है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आने वाले समय में लाखों नौकरियां खत्म कर देगा। कई बड़ी कंपनियों ने AI को अपनाने के बाद अपनी भर्ती प्रक्रिया धीमी कर दी थी, जिससे नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं में चिंता बढ़ गई थी। हालांकि अब तस्वीर बदलती नजर आ रही है। अमेरिका की कई बड़ी कंपनियों ने संकेत दिए हैं कि वे आने वाले महीनों में बड़े पैमाने पर नई भर्तियां करने की तैयारी कर रही हैं। इसका कारण यह है कि कंपनियों को अब महसूस हो रहा है कि AI पूरी तरह इंसानों की जगह नहीं ले सकता।
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की कई प्रमुख कंपनियों ने निवेशकों को बताया है कि वे अपने कारोबार के विस्तार और नई तकनीकों के बेहतर उपयोग के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की योजना बना रही हैं। इनमें रेलवे कंपनी CSX, गूगल की पैरेंट कंपनी Alphabet, Booz Allen Hamilton और ServiceNow जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल हैं।
AI नहीं, AI के साथ काम करने वाले लोग चाहिए
विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती दौर में कई कंपनियों को लगा था कि AI एंट्री-लेवल कर्मचारियों के अधिकांश काम आसानी से संभाल लेगा। लेकिन समय के साथ यह स्पष्ट हुआ कि AI केवल एक टूल है, जिसे प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के लिए प्रशिक्षित और अनुभवी कर्मचारियों की जरूरत होती है।
HR टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म Lattice की CEO सारा फ्रैंकलिन के अनुसार, कंपनियों को अब समझ आ गया है कि केवल AI पर निर्भर रहकर कारोबार को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। इंजीनियर, सेल्स प्रोफेशनल, डेटा विशेषज्ञ और नए ग्रेजुएट्स की भूमिका आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, क्योंकि वे AI टूल्स के साथ मिलकर बेहतर परिणाम दे सकते हैं।
जूनियर कर्मचारियों की मांग बढ़ी
रिपोर्ट के अनुसार, कई कंपनियां अब विशेष रूप से एंट्री-लेवल और जूनियर कर्मचारियों की भर्ती पर जोर दे रही हैं। कंपनियों का मानना है कि नए कर्मचारी आधुनिक तकनीकों को तेजी से सीखते हैं और AI आधारित सिस्टम के साथ आसानी से काम कर सकते हैं। इसके अलावा वे नए विचार और नवाचार भी लेकर आते हैं, जो किसी भी संगठन की वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण होते हैं।
यही वजह है कि पिछले कुछ महीनों की तुलना में भर्ती का माहौल पहले से अधिक सकारात्मक दिखाई दे रहा है।
सिर्फ आईटी नहीं, कई सेक्टरों में अवसर
नई भर्तियां केवल आईटी कंपनियों तक सीमित नहीं हैं। ट्रांसपोर्ट, मैन्युफैक्चरिंग, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग और कंसल्टिंग जैसे कई क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
Alphabet अपने AI और क्लाउड बिजनेस का विस्तार करने के लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की तैयारी कर रही है। वहीं अन्य कंपनियां भी नई तकनीकों को अपनाने और कारोबार बढ़ाने के लिए योग्य पेशेवरों की तलाश कर रही हैं।
भविष्य में बदलेंगी नौकरियों की प्रकृति
विशेषज्ञों का मानना है कि AI का रोजगार पर अंतिम प्रभाव अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। आने वाले वर्षों में कुछ पारंपरिक नौकरियां कम हो सकती हैं, लेकिन उनकी जगह नई भूमिकाएं भी पैदा होंगी। AI विशेषज्ञ, मशीन लर्निंग इंजीनियर, डेटा एनालिस्ट, साइबर सिक्योरिटी प्रोफेशनल और AI ट्रेनर जैसी नौकरियों की मांग लगातार बढ़ने की संभावना है।
युवाओं के लिए क्या है संदेश?
वर्तमान स्थिति यह संकेत देती है कि AI इंसानों की जगह लेने के बजाय उनके साथ मिलकर काम करेगा। इसलिए नौकरी के बाजार में टिके रहने के लिए नई तकनीकों की समझ और AI से जुड़ी स्किल्स विकसित करना बेहद जरूरी होगा। जिन युवाओं के पास तकनीकी ज्ञान के साथ समस्या समाधान, रचनात्मक सोच और संचार कौशल जैसी क्षमताएं होंगी, उनके लिए आने वाले समय में रोजगार के अवसर और बेहतर हो सकते हैं।
कुल मिलाकर, AI के बढ़ते प्रभाव के बावजूद कंपनियां यह मानने लगी हैं कि तकनीक और इंसानी प्रतिभा का संयोजन ही भविष्य की सफलता की सबसे बड़ी कुंजी होगा।

