5 Sep 2026, Sat

नेपाल में फिर हुई भयानक लैंडस्लाइड, नदी का बहाव आंशिक रूप से बाधित; हाई अलर्ट

नेपाल में भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। देश के दार्चुला जिले में एक बड़े भूस्खलन के बाद अचानक बाढ़ का नया खतरा पैदा हो गया है। भूस्खलन के कारण भारी मात्रा में मलबा चौलानी नदी में गिर गया, जिससे नदी का बहाव आंशिक रूप से बाधित हो गया है। घटना के बाद प्रशासन ने नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को हाई अलर्ट पर रहने की चेतावनी दी है।

दार्चुला जिले में सामने आए भूस्खलन के वीडियो में पहाड़ी से बड़ी मात्रा में मलबा नीचे की ओर गिरता दिखाई दे रहा है। भूस्खलन के बाद नदी के प्रवाह पर असर पड़ा है। अधिकारियों को आशंका है कि यदि दोबारा बड़े स्तर पर भूस्खलन हुआ और नदी का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

नदी का बहाव पूरी तरह रुका तो बढ़ेगा खतरा

जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को एपी हिमाल ग्रामीण नगरपालिका के भट्टार क्षेत्र में भूस्खलन हुआ। पहाड़ी से गिरा मलबा सीधे चौलानी नदी में पहुंच गया, जिसके कारण नदी का बहाव प्रभावित हुआ है।

प्रशासन का मानना है कि यदि मलबा बढ़ता गया और नदी का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया तो वहां पानी जमा हो सकता है। ऐसी स्थिति में अचानक दबाव बढ़ने से जमा पानी तेज गति से नीचे की ओर आ सकता है। इससे नदी के किनारे और निचले इलाकों में अचानक बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है।

निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की अपील

घटना के बाद दार्चुला जिला प्रशासन ने नदी के आसपास और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है। लोगों को नदी के किनारे जाने से बचने और प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

संभावित आपात स्थिति को देखते हुए सुरक्षा कर्मियों को भी तैनात किया गया है। उनका उद्देश्य स्थानीय लोगों को समय रहते सचेत करना और किसी भी अप्रिय स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू करने की तैयारी रखना है।

पहले से आपदा से जूझ रहा है नेपाल

नेपाल इस समय पहले से ही बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के गंभीर प्रभावों से जूझ रहा है। 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई थी। इस आपदा में बड़ी संख्या में लोगों की जान गई और हजारों लोग लापता बताए गए हैं।

ऐसे समय में दार्चुला में नया भूस्खलन प्रशासन के लिए अतिरिक्त चुनौती बन गया है। पहाड़ी इलाकों में लगातार भूस्खलन की घटनाओं से राहत और बचाव कार्य भी मुश्किल हो सकते हैं।

फिलहाल प्रशासन नदी के बहाव और आसपास के हालात पर नजर बनाए हुए है। अधिकारियों की प्राथमिकता संभावित खतरे को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित करना है। लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन तथा सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशों का पालन करें।

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