31 Aug 2026, Mon

अमेरिका-ईरान आमने-सामने! मुज्तबा खामेनेई ने मुस्लिम देशों से मांगा साथ, कहा- “असली दुश्मन को पहचानो”

तेहरान: ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई ने मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने मुस्लिम देशों के नेताओं से कहा कि वे अपने ‘असली दुश्मन’ को पहचानें, उसकी योजनाओं को समझें और उसका मुकाबला करें। खामेनेई का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, मुज्तबा खामेनेई ने तेहरान में आयोजित एक धार्मिक सम्मेलन में शामिल नेताओं को पत्र भेजा। इस पत्र में उन्होंने अमेरिका और इजराइल को इस्लामी देशों का दुश्मन बताया और मुस्लिम देशों के बीच एकजुटता पर जोर दिया।

पिता की मौत के बाद सार्वजनिक रूप से कम दिखे

मुज्तबा खामेनेई के इस बयान को इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि करीब छह महीने पहले अमेरिका और इजराइल के हमले में उनके पिता और ईरान के कई वरिष्ठ नेताओं के मारे जाने की बात सामने आई थी। इसके बाद से मुज्तबा खामेनेई सार्वजनिक कार्यक्रमों और मीडिया के सामने बेहद कम नजर आए हैं।

अब उनका यह संदेश ईरान की मौजूदा रणनीति और क्षेत्रीय तनाव के बीच सामने आया है। उन्होंने मुस्लिम देशों से अपील की है कि वे परिस्थितियों को समझें और अपने कथित दुश्मनों की योजनाओं का मिलकर सामना करें।

खाड़ी देशों में भी बढ़ा तनाव

ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच तनाव का असर पश्चिम एशिया के दूसरे देशों पर भी दिखाई दे रहा है। ईरान की ओर से पड़ोसी खाड़ी अरब देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही सीमित किए जाने के बाद क्षेत्र में चिंता और बढ़ गई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। यहां तनाव बढ़ने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और अन्य ऊर्जा आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका बनी रहती है।

होर्मुज में अमेरिकी कार्रवाई

अमेरिकी सेना ने रविवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाने की घोषणा की। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब एक महीने बाद ईरान के खिलाफ अमेरिका की यह पहली घोषित सैन्य कार्रवाई थी।

अमेरिका ने इसे ‘सीमित और सटीक कार्रवाई’ बताते हुए कहा कि निशाना ईरानी माइन बिछाने वाली सैन्य इकाइयां थीं। दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में जॉर्डन स्थित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले का दावा किया।

जॉर्डन की सेना के अनुसार, सोमवार तड़के उसके हवाई क्षेत्र में दाखिल हुई आठ मिसाइलों को रोक दिया गया। ईरानी सरकारी मीडिया ने भी बैलिस्टिक मिसाइलों के प्रक्षेपण के वीडियो प्रसारित किए और इसे अमेरिकी हमले की जवाबी कार्रवाई बताया।

टैंकर जहाज को भी बनाया गया निशाना

ईरानी मीडिया के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास लारक द्वीप के आसपास विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने कई सैनिकों और नागरिकों के मारे जाने तथा घायल होने की जानकारी दी है।

इसके अलावा, ब्रिटिश सेना द्वारा संचालित यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस के अनुसार, शनिवार को ओमान के खसब के उत्तर में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक टैंकर जहाज को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से निशाना बनाया गया।

ईरान की ओर से मुस्लिम देशों को एकजुट होने की अपील और अमेरिका की सैन्य कार्रवाई के बीच पश्चिम एशिया में तनाव और गहराता नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के अगले कदम पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी।

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