21 Jul 2026, Tue

अफगानिस्तान में अचानक आई बाढ़ में 20 की मौत, 100 से ज्यादा लोग लापता; रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

काबुल: अफगानिस्तान के पूर्वी प्रांत नूरिस्तान में अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक कम से कम 20 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 100 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। प्रशासन ने बड़े स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया है और लापता लोगों की तलाश लगातार जारी है। बाढ़ के कारण कई गांवों का संपर्क टूट गया है, जबकि सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए हैं।

अफगानिस्तान नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (ANDMA) के प्रवक्ता यूसुफ हम्माद ने बताया कि अचानक आई बाढ़ ने नूरिस्तान के पारुन शहर और आसपास के कई इलाकों को अपनी चपेट में ले लिया। तेज बहाव के कारण कई मकान ढह गए, कृषि भूमि जलमग्न हो गई और सड़कें तथा अन्य सार्वजनिक सुविधाएं भी गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं।

राहत और बचाव अभियान जारी

प्रशासन के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव दल तैनात किए गए हैं। बचावकर्मी मलबे में फंसे लोगों और लापता नागरिकों की तलाश में जुटे हैं। हालांकि, दुर्गम पहाड़ी इलाकों और खराब मौसम के कारण राहत कार्यों में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

यूसुफ हम्माद ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि लोग बाढ़ संभावित और जोखिम वाले इलाकों से दूर रहें तथा स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों का पालन करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाना और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराना है।

कई घर और खेत हुए तबाह

बाढ़ के तेज बहाव ने नूरिस्तान के कई गांवों में भारी तबाही मचाई है। मिट्टी और पत्थरों से बने कई घर पूरी तरह ढह गए हैं। इसके अलावा, हजारों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई, जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। सड़कें बह जाने से कई गांवों का संपर्क भी टूट गया है, जिससे राहत सामग्री पहुंचाने में दिक्कतें आ रही हैं।

क्यों आती हैं बार-बार फ्लैश फ्लड?

अफगानिस्तान उन देशों में शामिल है, जहां मौसम से जुड़ी चरम घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश और बर्फ पिघलने के कारण अचानक आने वाली बाढ़ (फ्लैश फ्लड) आम बात है। कमजोर बुनियादी ढांचा, दशकों से चले आ रहे संघर्ष, वनों की कटाई और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव ने इन आपदाओं को और अधिक विनाशकारी बना दिया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि दूर-दराज के इलाकों में अधिकांश घर मिट्टी से बने होते हैं, जो तेज बहाव का सामना नहीं कर पाते। यही कारण है कि हर साल ऐसी प्राकृतिक आपदाओं में बड़ी संख्या में लोगों की जान चली जाती है।

पहले भी आ चुकी हैं विनाशकारी बाढ़

अफगानिस्तान में हाल के वर्षों में कई बार भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। वर्ष 2024 में वसंत ऋतु के दौरान आई फ्लैश फ्लड में 300 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, 2026 की शुरुआत में देश के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में 110 से अधिक लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।

मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

अफगानिस्तान के परिवहन और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि देश के 34 में से 10 प्रांतों में आने वाले दिनों में और भारी बारिश होने की संभावना है। इसके चलते प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने, नदी-नालों के किनारे न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

सरकार का कहना है कि प्रभावित इलाकों में राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं। साथ ही स्थानीय प्रशासन को हर संभावित आपदा से निपटने के लिए अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल पूरे देश की नजर नूरिस्तान में चल रहे राहत और बचाव अभियान पर टिकी हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *