लंदन: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले लॉर्ड्स मैदान पर इतिहास रच दिया है। भारत ने यहां खेले गए एकमात्र टेस्ट मैच में मेजबान इंग्लैंड को 270 रन के बड़े अंतर से हराकर शानदार जीत दर्ज की। लॉर्ड्स के इतिहास में यह पहला महिला टेस्ट मुकाबला था, जिसे भारतीय टीम ने अपने नाम कर इस अवसर को और भी यादगार बना दिया।
भारत की जीत में यास्तिका भाटिया की शानदार बल्लेबाजी के साथ स्नेह राणा और क्रांति गौड़ की दमदार गेंदबाजी ने अहम भूमिका निभाई। भारतीय गेंदबाजों ने विशाल लक्ष्य का पीछा कर रही इंग्लैंड की बल्लेबाजी को पूरी तरह दबाव में रखा और मेजबान टीम को दूसरी पारी में केवल 186 रन पर समेट दिया।
इंग्लैंड को मिला था 457 रन का लक्ष्य
भारतीय टीम ने इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 457 रन का बेहद मुश्किल लक्ष्य रखा था। इतने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए इंग्लैंड की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। भारतीय गेंदबाजों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेते हुए इंग्लैंड के बल्लेबाजों को बड़ी साझेदारी नहीं बनाने दी।
इंग्लैंड की टीम तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक छह विकेट खोकर 130 रन बना चुकी थी। चौथे और अंतिम दिन मेजबान टीम को जीत के लिए बड़ी पारी की जरूरत थी, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने सुबह से ही आक्रामक गेंदबाजी करते हुए मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखी।
स्नेह राणा ने दिलाई बड़ी सफलता
चौथे दिन इंग्लैंड ने 130 रन पर छह विकेट के स्कोर से अपनी दूसरी पारी आगे बढ़ाई। विकेटकीपर बल्लेबाज एमी जोन्स ने कुछ समय तक भारतीय गेंदबाजों का सामना किया और 54 रन की पारी खेली। हालांकि, स्नेह राणा ने उन्हें शैफाली वर्मा के हाथों कैच कराकर भारत को दिन की पहली और महत्वपूर्ण सफलता दिलाई।
एमी जोन्स के आउट होने के बाद इंग्लैंड की निचली बल्लेबाजी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। स्नेह राणा और क्रांति गौड़ ने बाकी बल्लेबाजों को जल्दी पवेलियन भेजकर इंग्लैंड की दूसरी पारी 186 रन पर समाप्त कर दी। इसके साथ ही भारतीय टीम ने 270 रन से मुकाबला जीत लिया।
यास्तिका भाटिया ने बल्ले से दिखाया दम
भारत की ऐतिहासिक जीत में यास्तिका भाटिया का बल्लेबाजी प्रदर्शन भी बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में योगदान दिया। भारतीय बल्लेबाजों की मेहनत की बदौलत टीम इंग्लैंड के सामने विशाल लक्ष्य रखने में सफल रही।
गेंदबाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने अनुशासन और धैर्य दिखाया। तेज और स्पिन गेंदबाजों ने परिस्थितियों का सही फायदा उठाते हुए इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।
सचिन तेंदुलकर भी बने ऐतिहासिक मुकाबले के गवाह
लॉर्ड्स में खेले गए पहले महिला टेस्ट मैच का गवाह बनने के लिए महान भारतीय बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भी स्टैंड्स में मौजूद थे। भारतीय टीम की इस जीत ने महिला क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
लॉर्ड्स जैसे प्रतिष्ठित मैदान पर इंग्लैंड को उसके घर में 270 रन से हराना भारतीय महिला क्रिकेट की सबसे यादगार उपलब्धियों में गिना जाएगा। टेस्ट मुकाबले में ऐतिहासिक जीत के बाद भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों की निगाहें अब आगामी वनडे सीरीज पर टिकी हैं।

