13 Jul 2026, Mon

फोन पर चोरी की प्लानिंग, ड्यूटी से पहले ही सबके रोल तय होते थे…, राम मंदिर चढ़ावा मामले में एक और बड़ा खुलासा

अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में जांच के दौरान नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में चोरी की योजना और इसमें शामिल लोगों की अलग-अलग भूमिकाओं के बारे में जानकारी दी है। आरोप है कि चढ़ावे की रकम निकालने के लिए आरोपी संगठित तरीके से काम करते थे और ड्यूटी शुरू होने से पहले ही पूरी योजना तैयार कर लेते थे।

मामले की जांच अयोध्या पुलिस और उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल यानी SIT कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी जारी है और आरोपियों के बयानों के साथ CCTV फुटेज, बैंक लेनदेन तथा अन्य दस्तावेजों का भी मिलान किया जा रहा है।

सुबह फोन पर तैयार होती थी चोरी की योजना

सूत्रों के मुताबिक, आरोपी हर दिन सुबह फोन पर बातचीत कर तय करते थे कि उस दिन किस व्यक्ति को क्या काम करना है। आरोपियों में से एक व्यक्ति चढ़ावे की रकम निकालता था, दूसरा उसे छिपाने में मदद करता था, जबकि अन्य लोग CCTV कैमरे के सामने खड़े होकर उसका दृश्य बाधित करते थे।

पूछताछ में सामने आई जानकारी के अनुसार, हर दिन आरोपियों की जिम्मेदारियां बदली जाती थीं। कौन नोट निकालेगा, कौन कैमरे के सामने खड़ा होगा और कौन रकम को सुरक्षित तरीके से बाहर पहुंचाएगा, इसकी योजना ड्यूटी पर पहुंचने से पहले ही बना ली जाती थी। जांच एजेंसियों का दावा है कि उपलब्ध CCTV फुटेज में भी कई आरोपी कैमरे के सामने जानबूझकर खड़े दिखाई दिए हैं।

40 दिनों में करीब 70 संदिग्ध घटनाएं

SIT की शुरुआती जांच में 27 अप्रैल से 5 जून 2026 के बीच करीब 70 संदिग्ध घटनाओं की पहचान की गई है। ये घटनाएं मंदिर के चढ़ावे की गिनती करने वाले कमरे के CCTV फुटेज में दर्ज हुईं। जांच में छह आरोपियों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं, जबकि इस मामले में कुल आठ लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है।

सूत्रों के अनुसार, कथित चोरी की ज्यादातर घटनाएं शाम की शिफ्ट में हुईं। पहले चढ़ावे की गिनती सुबह 6 बजे से दोपहर 2 बजे और दोपहर 2 बजे से रात 9 बजे तक दो पालियों में होती थी। जांच के बाद व्यवस्था में बदलाव करते हुए गिनती का काम अब सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक एक ही शिफ्ट में किया जा रहा है।

सुरक्षा व्यवस्था में सामने आईं कई खामियां

SIT ने अपनी प्रारंभिक जांच में चढ़ावे की गिनती वाली जगह पर सुरक्षा से जुड़ी कई गंभीर कमियों का भी उल्लेख किया है। इनमें कर्मचारियों की नियमित तलाशी नहीं होना, CCTV की प्रभावी निगरानी का अभाव, ड्रेस कोड का पालन न होना और रिकॉर्डिंग को सीमित समय तक सुरक्षित रखना शामिल है।

जांचकर्ताओं का मानना है कि अगर CCTV की लाइव निगरानी और कर्मचारियों की नियमित तलाशी सही तरीके से होती, तो कथित चोरी की घटनाओं को पहले ही रोका जा सकता था। हालांकि SIT ने साफ किया है कि ये अभी प्रारंभिक निष्कर्ष हैं और अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही जिम्मेदारी और कथित चोरी की कुल रकम को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

इस मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज है। विपक्ष मंदिर के चढ़ावे की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर सवाल उठा रहा है। वहीं जांच एजेंसियां आरोपियों के आर्थिक लेनदेन, संपत्तियों और अन्य संभावित सहयोगियों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं।

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