मुंबई: जून महीने के आखिरी कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। मंगलवार, 30 जून 2026 को दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद बीएसई सेंसेक्स 249.70 अंक यानी 0.33 प्रतिशत गिरकर 76,478.67 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 में 80.50 अंक या 0.34 प्रतिशत की कमजोरी रही और यह 23,865.75 के स्तर पर बंद हुआ। यह लगातार दूसरा कारोबारी सत्र रहा, जब दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में बंद हुए।
बाजार ने कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ की थी, लेकिन शुरुआती बढ़त ज्यादा देर तक कायम नहीं रह सकी। अंतिम घंटे में दिग्गज शेयरों में मुनाफावसूली बढ़ने से निफ्टी दिन के निचले स्तर 23,829.20 तक फिसल गया। जून के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी के कारण भी बाजार में अधिक उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
IT इंडेक्स में करीब 2.7 प्रतिशत की गिरावट
मंगलवार के कारोबार में सबसे ज्यादा दबाव सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों पर रहा। निफ्टी IT इंडेक्स 2.73 प्रतिशत गिरकर सभी प्रमुख सेक्टर इंडेक्स में सबसे कमजोर रहा। इंफोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, विप्रो, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और टेक महिंद्रा जैसे दिग्गज शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।
अमेरिका में महंगाई के आंकड़े बढ़ने के बाद आशंका जताई जा रही है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है या वर्ष 2026 के दौरान दोबारा वृद्धि कर सकता है। इससे अमेरिकी ग्राहकों द्वारा तकनीकी सेवाओं पर खर्च प्रभावित होने की चिंता बढ़ी है। कमजोर मांग के अनुमान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पारंपरिक IT कारोबार पर संभावित असर ने भी निवेशकों की धारणा कमजोर की।
दिल्ली की EV नीति से आयशर मोटर्स पर दबाव
ऑटोमोबाइल कंपनियों में आयशर मोटर्स का शेयर प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहा। ब्रोकरेज कंपनियों ने दिल्ली की प्रस्तावित इलेक्ट्रिक वाहन नीति से कंपनी के रॉयल एनफील्ड कारोबार पर संभावित असर की आशंका जताई है। इसके कारण आयशर मोटर्स का शेयर करीब 4.8 प्रतिशत टूट गया। हालांकि, मारुति सुजुकी और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स जैसे कुछ ऑटो शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
निफ्टी में आयशर मोटर्स, इंफोसिस, टाटा कंज्यूमर, TCS और विप्रो सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में रहे। दूसरी ओर मारुति सुजुकी, टाइटन, अडाणी एंटरप्राइजेज, बजाज फाइनेंस और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स ने बाजार को कुछ सहारा दिया।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी
प्रमुख सूचकांकों में गिरावट के बावजूद व्यापक बाजार का प्रदर्शन बेहतर रहा। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 0.37 प्रतिशत बढ़ा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1.02 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। सेक्टरों में निफ्टी रियल्टी 1.31 प्रतिशत और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स 1.16 प्रतिशत बढ़ा। वहीं, FMCG और बैंकिंग इंडेक्स में कमजोरी रही।
हालांकि मंगलवार को बाजार गिरा, लेकिन पूरे जून महीने के दौरान सेंसेक्स ने करीब 2.3 प्रतिशत और निफ्टी ने 1.4 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, रुपये में स्थिरता और विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए रिजर्व बैंक के कदमों ने मासिक आधार पर बाजार को सहारा दिया। आगे निवेशकों की नजर अमेरिकी ब्याज दरों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों, मानसून की प्रगति और वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के कॉरपोरेट नतीजों पर रहेगी।

