28 May 2026, Thu

महाभारत नाटक के दौरान हो गया सच का महाभारत, भड़क उठी हिंसा, दो गुटों में चले पत्थर और लाठी, 10 से ज्यादा घायल

गंजाम (ओडिशा): ओडिशा के गंजाम जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव के दौरान आयोजित महाभारत नाटक अचानक हिंसा का मैदान बन गया। महाभारत के मंचन के बीच दो गुटों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर पत्थर और लाठियों से हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में 10 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया और पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंचना पड़ा।

यह घटना बुधवार रात गंजाम जिले के गोलंथरा थाना क्षेत्र स्थित मार्कंडी गांव में हुई। गांव में पारंपरिक ठाकुराणी यात्रा उत्सव के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया था। इसी क्रम में महाभारत पर आधारित नाटक का मंचन किया जा रहा था, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु जुटे हुए थे।

कैसे शुरू हुआ विवाद?

स्थानीय लोगों के अनुसार, ओडीआरपी कॉलोनी के पास दो अलग-अलग नाटक मंडलियां महाभारत की प्रस्तुति दे रही थीं। कार्यक्रम के दौरान किसी बात को लेकर दोनों समूहों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। शुरुआत में मामला मामूली बहस तक सीमित था, लेकिन कुछ ही मिनटों में स्थिति बेकाबू हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बहस के बाद दोनों पक्षों के समर्थक आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते पत्थरबाजी शुरू हो गई। इसके बाद लाठियां भी चलने लगीं। अचानक हुई इस हिंसा से कार्यक्रम स्थल पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।

10 से ज्यादा लोग घायल

इस झड़प में 10 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। घायलों को तुरंत इलाज के लिए ब्रह्मपुर स्थित एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया। कुछ लोगों को गंभीर चोटें आई हैं, हालांकि सभी घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, कई घायलों को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें लगी हैं। चिकित्सकों की टीम उनका इलाज कर रही है और कुछ मरीजों को निगरानी में रखा गया है।

पुलिस ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही गोलंथरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया और इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए हैं। गांव में तनाव को देखते हुए लगातार निगरानी रखी जा रही है।

दक्षिणांचल के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) नीति शेखर ने बताया कि यह झड़प दो नाटक मंडलियों के बीच हुई थी। उन्होंने कहा कि घायलों का अस्पताल में इलाज कराया गया है और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है।

एफआईआर नहीं, पुलिस करेगी स्वतः कार्रवाई

आईजी नीति शेखर ने कहा कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत या एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई है। हालांकि यदि कोई शिकायत नहीं भी करता है, तो पुलिस स्वयं संज्ञान लेकर मामला दर्ज करेगी और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना के कारणों की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज, वीडियो रिकॉर्डिंग और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाए जा रहे हैं ताकि हिंसा भड़काने वाले लोगों की पहचान की जा सके।

उत्सव का माहौल हुआ खराब

जिस सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन को लेकर गांव में उत्साह का माहौल था, वह हिंसा की वजह से तनाव और डर में बदल गया। ग्रामीणों ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान इस तरह की घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं।

प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है और आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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