25 Jul 2026, Sat

बारिश के मौसम में इम्यूनिटी बूस्टर की तरह काम केरगा करौंदे की चटनी, यहां से नोट कर लें रेसिपी

नई दिल्ली: बारिश का मौसम जहां गर्मी से राहत और ठंडक लेकर आता है, वहीं इस दौरान वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है। बदलते मौसम और नमी के कारण कई लोगों को सर्दी-जुकाम, गले में खराश और पाचन से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में शरीर को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित और पौष्टिक खान-पान पर ध्यान देना जरूरी है। मानसून के मौसम में मिलने वाला करौंदा भी डाइट में शामिल किया जा सकता है। इससे तैयार होने वाली चटपटी करौंदे की चटनी खाने में स्वादिष्ट होने के साथ पोषक तत्वों से भरपूर होती है।

करौंदे में विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसके अलावा इसमें फाइबर भी मौजूद होता है, जो संतुलित आहार का हिस्सा बनने पर पाचन तंत्र के लिए उपयोगी हो सकता है। अगर आप मानसून में अपनी थाली में कुछ खट्टा, तीखा और स्वादिष्ट जोड़ना चाहते हैं, तो करौंदे की चटनी एक अच्छा विकल्प हो सकती है।

करौंदे की चटनी बनाने के लिए चाहिए ये सामग्री

इस चटनी को बनाने के लिए आपको 150 ग्राम करौंदे, 4 से 5 हरी मिर्च, एक कप ताजा हरा धनिया, एक इंच अदरक, एक छोटा चम्मच जीरा, आधा छोटा चम्मच काला नमक, स्वादानुसार सादा नमक, एक बड़ा चम्मच गुड़ या चीनी और एक छोटा चम्मच सरसों का तेल चाहिए। स्वाद के अनुसार सामग्री की मात्रा को कम या ज्यादा भी किया जा सकता है।

कैसे बनाएं करौंदे की चटनी?

सबसे पहले करौंदों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद उन्हें बीच से काटकर बीज निकाल दें। अब मिक्सी के जार में कटे हुए करौंदे, हरी मिर्च, हरा धनिया, अदरक और जीरा डालें। इसमें सादा नमक, काला नमक और गुड़ या चीनी मिलाएं।

इसके बाद जार में जरूरत के अनुसार 2 से 3 चम्मच पानी डालकर सभी सामग्री को दरदरा या बारीक पीस लें। तैयार चटनी को एक कटोरी में निकालें और इसमें एक छोटा चम्मच सरसों का तेल डालकर अच्छी तरह मिला लें। इससे चटनी का स्वाद और खुशबू बढ़ जाती है। आप इसे दाल, पराठे, पकौड़े या अपने पसंदीदा भोजन के साथ परोस सकते हैं।

सेहत के लिए क्यों फायदेमंद मानी जाती है?

करौंदे में मौजूद विटामिन-सी शरीर के सामान्य इम्यून फंक्शन को सपोर्ट करता है, जबकि एंटीऑक्सीडेंट शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करते हैं। इसमें मौजूद फाइबर पाचन स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है और नियमित डाइट में पर्याप्त फाइबर शामिल करने से कब्ज जैसी समस्या को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

हालांकि, केवल किसी एक खाद्य पदार्थ या चटनी को इम्यूनिटी बूस्टर मानना सही नहीं है। अच्छी सेहत के लिए संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और स्वच्छता भी जरूरी है। अगर आपको किसी खाद्य पदार्थ से एलर्जी है या कोई विशेष स्वास्थ्य समस्या है, तो इसे डाइट में शामिल करने से पहले डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेना बेहतर है।

मानसून में करौंदे की चटनी को सीमित मात्रा में अपने भोजन का हिस्सा बनाकर आप स्वाद के साथ पौष्टिकता भी जोड़ सकते हैं। इसकी खट्टी-मीठी और तीखी चटपटी स्वाद वाली चटनी रोजमर्रा के खाने को और भी मजेदार बना सकती है।

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