मुंबई: बॉलीवुड अभिनेत्री Ananya Panday इन दिनों अपनी नई फिल्म Chand Mera Dil को लेकर चर्चा में हैं। हालांकि फिल्म की कहानी या अभिनय से ज्यादा एक खास डांस सीक्वेंस विवाद का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर फिल्म का एक क्लिप तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें अनन्या पांडे भरतनाट्यम से प्रेरित एक प्रस्तुति देती नजर आ रही हैं। इस सीन को लेकर उन्हें आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है और कई लोगों ने उनकी प्रस्तुति को शास्त्रीय नृत्य की गरिमा के खिलाफ बताया है।
विवाद तब और बढ़ गया जब प्रसिद्ध भरतनाट्यम कलाकार Sonal Mansingh ने भी इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि भारतीय शास्त्रीय कलाओं को पर्दे पर प्रस्तुत करते समय उनकी मूल भावना और परंपरा का सम्मान किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, यदि कलाकार किसी कला रूप में प्रशिक्षित नहीं हैं तो उसे पेश करने से पहले पर्याप्त तैयारी और समझ जरूरी है।
सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
फिल्म के रिलीज होने के बाद वायरल हुए वीडियो क्लिप में अनन्या एक मंचीय प्रस्तुति देती दिखाई देती हैं। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे भरतनाट्यम की प्रस्तुति मानते हुए आलोचना की और कहा कि इसमें शास्त्रीय नृत्य की तकनीकी शुद्धता नजर नहीं आती। कुछ लोगों ने इसे भारतीय सांस्कृतिक विरासत के साथ प्रयोग बताया, जबकि अन्य ने इसे रचनात्मक स्वतंत्रता का हिस्सा माना।
सोशल मीडिया पर बहस इस बात को लेकर भी शुरू हो गई कि फिल्मों में शास्त्रीय नृत्य शैलियों का उपयोग किस सीमा तक किया जाना चाहिए और क्या उन्हें आधुनिक रूप में प्रस्तुत करना उचित है।
चंकी पांडे ने किया बेटी का बचाव
विवाद के बीच अभिनेता Chunky Panday अपनी बेटी के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिल्म में दिखाया गया डांस शुद्ध भरतनाट्यम नहीं था, बल्कि एक फ्यूजन परफॉर्मेंस थी जिसमें आधुनिक और पारंपरिक तत्वों का मिश्रण किया गया था।
चंकी पांडे ने कहा कि दर्शकों ने इस प्रस्तुति को पूरी तरह पारंपरिक भरतनाट्यम समझ लिया, जबकि फिल्म की टीम का उद्देश्य ऐसा नहीं था। उनके अनुसार, यह कॉलेज या सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रस्तुत किए जाने वाले प्रयोगात्मक नृत्य की तरह था, जिसमें विभिन्न शैलियों को मिलाकर एक नया रूप देने की कोशिश की गई थी।
उन्होंने यह भी कहा कि भरतनाट्यम जैसी शास्त्रीय कला में महारत हासिल करने के लिए वर्षों का प्रशिक्षण और अनुशासन आवश्यक होता है। इसलिए फिल्म में दिखाई गई प्रस्तुति को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए, न कि एक पेशेवर शास्त्रीय प्रस्तुति के रूप में।
फिल्म को मिल रहा मिला-जुला रिस्पॉन्स
फिल्म ‘चांद मेरा दिल’ में अनन्या पांडे के साथ अभिनेता Lakshya Lalwani मुख्य भूमिका में हैं। रिलीज के बाद फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से मिश्रित प्रतिक्रियाएं मिली हैं। जहां कुछ दर्शकों ने फिल्म की भावनात्मक कहानी और संगीत की सराहना की है, वहीं कुछ ने इसकी पटकथा और प्रस्तुति पर सवाल उठाए हैं।
विवाद के बावजूद फिल्म चर्चा के केंद्र में बनी हुई है। मनोरंजन उद्योग के जानकारों का मानना है कि सोशल मीडिया पर हो रही बहस ने फिल्म को अतिरिक्त चर्चा दिलाई है, जिससे दर्शकों की जिज्ञासा भी बढ़ी है।
कला, प्रयोग और दर्शकों की अपेक्षाएं
यह विवाद एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि फिल्मों में शास्त्रीय कला रूपों के साथ प्रयोग की सीमा क्या होनी चाहिए। एक ओर फिल्मकार नए और आधुनिक प्रस्तुतीकरण के जरिए युवा दर्शकों को जोड़ने की कोशिश करते हैं, वहीं दूसरी ओर पारंपरिक कला से जुड़े लोग उसकी मौलिकता और गरिमा बनाए रखने पर जोर देते हैं।
फिलहाल, अनन्या पांडे और फिल्म की टीम की ओर से इस विवाद पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन चंकी पांडे के बयान के बाद यह साफ है कि परिवार इसे एक रचनात्मक प्रयोग के रूप में देखता है, न कि शास्त्रीय भरतनाट्यम की प्रस्तुति के रूप में।

