केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने झारखंड को बड़ी सौगात देते हुए घोषणा की है कि केंद्र सरकार जल्द ही ‘उड़ान 2’ योजना लॉन्च करेगी। इस नई योजना के तहत अगले 10 वर्षों में देशभर में 100 नए एयरपोर्ट और 200 हेलिपैड विकसित किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इस पहल से देश के दूरदराज और पिछड़े क्षेत्रों में हवाई कनेक्टिविटी मजबूत होगी और आम लोगों के लिए हवाई यात्रा पहले से ज्यादा आसान और सस्ती बन सकेगी।
बुधवार को झारखंड की राजधानी रांची पहुंचे केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर कई नई यात्री सुविधाओं का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण भी किया। कार्यक्रम के दौरान एयरपोर्ट पर ‘उड़ान यात्री कैफे’, बच्चों के लिए ‘किड्स जोन’, ‘फ्लाइब्रेरी’ और ‘AVSAR काउंटर’ जैसी सुविधाओं की शुरुआत की गई। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर और किफायती सेवाएं उपलब्ध कराना है।
राम मोहन नायडू ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र सरकार रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी देने को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा कि झारखंड की आर्थिक और पर्यटन क्षमता को देखते हुए राज्य को वैश्विक हवाई नेटवर्क से जोड़ना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी घोषणा की कि दुमका, हजारीबाग, चाईबासा और डाल्टनगंज जैसे शहरों को भी एयर कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार देश के छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक हवाई सेवाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। उड़ान योजना के पहले चरण में कई छोटे शहरों को हवाई नेटवर्क से जोड़ा गया और अब उड़ान 2 योजना के जरिए इसे और विस्तार दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि ‘उड़ान यात्री कैफे’ की सुविधा अब देश के सभी प्रमुख हवाई अड्डों पर शुरू की जाएगी। इन कैफे में यात्रियों को कम कीमत पर खाने-पीने की वस्तुएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि आम यात्रियों को महंगे एयरपोर्ट फूड से राहत मिल सके।
बता दें कि इस साल मार्च में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने संशोधित उड़ान योजना यानी उड़ान 2 को मंजूरी दी थी। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से लेकर 2035-36 तक लागू रहेगी। इसके लिए केंद्र सरकार ने 28,840 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार, 25 मार्च 2026 तक उड़ान योजना के तहत देशभर में 95 हवाई अड्डों, हेलिपोर्ट और जल एयरोड्रोम में कुल 663 रूट संचालित किए जा चुके हैं। सरकार का मानना है कि नई योजना के लागू होने से भारत का एविएशन सेक्टर और तेजी से आगे बढ़ेगा और छोटे शहरों के लोगों का हवाई यात्रा का सपना भी पूरा होगा।

