Strait of Hormuz में तनाव बढ़ा: अमेरिकी सेना ने दो ईरानी तेल टैंकरों को किया निष्क्रिय, ईरान ने लगाया संघर्षविराम उल्लंघन का आरोप
मध्य पूर्व में एक बार फिर हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। रणनीतिक रूप से अहम माने जाने वाले Strait of Hormuz में अमेरिकी सेना और ईरान के बीच बड़ा सैन्य टकराव सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी सेना ने दो ईरानी तेल टैंकरों को निशाना बनाकर उन्हें निष्क्रिय कर दिया है, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिका का दावा: नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे थे टैंकर
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार ये टैंकर ईरान के बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। अमेरिका का दावा है कि यह कार्रवाई सुरक्षा कारणों से की गई और क्षेत्र में संभावित खतरे को रोकने के लिए जरूरी थी।
रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले भी अमेरिकी नौसेना ने ईरानी सैन्य ठिकानों और कुछ जहाजों पर जवाबी कार्रवाई की थी, जहां कथित तौर पर हमले की कोशिशों को विफल किया गया।
ईरान का पलटवार: संघर्षविराम का उल्लंघन
वहीं ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को आक्रामक और उकसावे वाली बताया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि यह कदम संघर्षविराम समझौते का सीधा उल्लंघन है और इससे क्षेत्रीय शांति खतरे में पड़ सकती है।
ईरान ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके तेल टैंकरों और नागरिक ढांचे को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ है।
यूएई पर भी हमले का दावा
इस बीच, संयुक्त अरब अमीरात ने दावा किया है कि उस पर ईरानी मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया। हालांकि इस घटना को लेकर अभी तक विस्तृत आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इससे क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया है।
28 फरवरी के बाद से बिगड़े हालात
रिपोर्ट्स के अनुसार 28 फरवरी के बाद से Strait of Hormuz में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। इसी दौरान अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष के बाद ईरान ने इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर कड़ा नियंत्रण बना लिया था।
इस कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है।
कूटनीतिक बयान भी तेज
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अगर ईरान अमेरिकी हितों को चुनौती देता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका अपनी सुरक्षा और सहयोगियों की रक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा।
वैश्विक चिंता बढ़ी
लगातार बढ़ते सैन्य टकराव ने एक बार फिर मध्य पूर्व को बड़े संघर्ष की ओर धकेल दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर स्थिति नियंत्रित नहीं हुई तो इसका असर पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति और अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहा है।

