14 May 2026, Thu

चीन ने अपने दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को दी मौत की सजा, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भ्रष्टाचार मामले में लिया सख्त एक्शन

चीन में बड़ा सख्त कदम: दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा, भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान तेज

चीन से एक चौंकाने वाली और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी खबर सामने आई है। राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेतृत्व में चीन ने अपने दो पूर्व रक्षा मंत्रियों वी फेंघे और ली शांगफू को भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में मौत की सजा सुनाई है। इस कार्रवाई ने न केवल चीन की राजनीति बल्कि वैश्विक कूटनीतिक हलकों में भी हलचल मचा दी है।


किन मामलों में मिली सजा?

चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, दोनों पूर्व रक्षा मंत्रियों को अलग-अलग मामलों में दोषी पाया गया।

  • वी फेंघे को रिश्वत लेने के मामले में दोषी ठहराया गया
  • ली शांगफू को रिश्वत लेने और देने दोनों मामलों में दोषी पाया गया

अदालत ने सुनवाई के बाद दोनों को भ्रष्टाचार का दोषी मानते हुए कड़ी सजा सुनाई।


कौन हैं वी फेंघे और ली शांगफू?

वी फेंघे चीन के रक्षा मंत्री के रूप में 2018 से 2023 तक कार्यरत रहे। वहीं ली शांगफू ने उनके बाद यह जिम्मेदारी संभाली, लेकिन कुछ ही समय बाद वे भी भ्रष्टाचार के आरोपों में घिर गए और 2024 में उन्हें कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।

दोनों अधिकारी चीन के एयरोस्पेस सेक्टर से जुड़े इंजीनियर रहे हैं और उन्होंने पीपल्स लिबरेशन आर्मी की रॉकेट फोर्स में भी अहम भूमिका निभाई थी।


शी जिनपिंग की सख्त नीति

सबसे अहम बात यह है कि दोनों अधिकारी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के करीबी माने जाते थे और केंद्रीय सैन्य आयोग में भी उनकी अहम भूमिका रही थी। इसके बावजूद जिनपिंग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ किसी तरह की नरमी नहीं दिखाई।

यह कार्रवाई एक बार फिर दिखाती है कि चीन में भ्रष्टाचार को लेकर “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई जा रही है।


बड़ा भ्रष्टाचार विरोधी अभियान

शी जिनपिंग ने 2012 में सत्ता संभालने के बाद से भ्रष्टाचार के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया था। इस अभियान के तहत अब तक:

  • लाखों अधिकारियों की जांच की गई
  • कई शीर्ष सैन्य जनरल और नेताओं को सजा मिली
  • बड़ी संख्या में अधिकारियों को पद से हटाया गया

विशेषज्ञों के अनुसार, यह अभियान चीन की राजनीतिक और सैन्य व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ सत्ता पर नियंत्रण बनाए रखने की रणनीति का भी हिस्सा है।


अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिक्रिया

इस तरह के कठोर फैसलों ने वैश्विक समुदाय का ध्यान खींचा है। कई विशेषज्ञ इसे चीन की आंतरिक राजनीति में शक्ति संतुलन और अनुशासन स्थापित करने की कड़ी रणनीति के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे सत्ता के केंद्रीकरण का उदाहरण मान रहे हैं।


निष्कर्ष

दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा देना चीन की राजनीतिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनाई जा रही कठोर नीति को दर्शाता है। यह कदम साफ संकेत देता है कि शी जिनपिंग प्रशासन किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है, चाहे आरोपी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।

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