‘महाभारत’ की गांधारी बनीं रेणुका इसरानी: 22 की उम्र में निभाया यादगार किरदार, अब जी रहीं सादगी भरी जिंदगी
भारतीय टेलीविजन के स्वर्णिम इतिहास में महाभारत का नाम हमेशा सम्मान के साथ लिया जाता है। बी. आर. चोपड़ा द्वारा निर्मित इस पौराणिक धारावाहिक ने 80 के दशक में ऐसी लोकप्रियता हासिल की थी कि इसके प्रसारण के समय सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था। इस शो के हर किरदार ने दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी, और उन्हीं में से एक थीं गांधारी—एक ऐसा किरदार जिसे आज भी लोग याद करते हैं।
गांधारी की भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री रेणुका इसरानी ने अपनी अदाकारी से इस चरित्र को जीवंत कर दिया था। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि जब उन्होंने 100 पुत्रों की मां गांधारी का किरदार निभाया, तब उनकी उम्र महज 22 साल थी। इतनी कम उम्र में एक परिपक्व और गंभीर भूमिका निभाना किसी भी कलाकार के लिए बड़ी चुनौती होती है, लेकिन रेणुका ने इसे अपने अभिनय कौशल से सहज बना दिया।
धारावाहिक में उनके बेटे दुर्योधन का किरदार निभाने वाले पुनीत इस्सर वास्तविक जीवन में उनसे बड़े थे, फिर भी पर्दे पर दोनों की केमिस्ट्री इतनी प्रभावशाली रही कि दर्शकों को यह अंतर कभी महसूस नहीं हुआ। रेणुका ने गांधारी के त्याग, दुख और संयम को इतनी सच्चाई से प्रस्तुत किया कि उनका यह किरदार भारतीय टेलीविजन इतिहास में अमर हो गया।
रेणुका इसरानी सिर्फ अभिनय में ही नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में भी आगे रहीं। उन्होंने जयपुर के महारानी कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की और बाद में दिल्ली में थिएटर से जुड़कर अभिनय की बारीकियां सीखीं। महाभारत की सफलता के बाद उन्होंने कई अन्य धारावाहिकों में भी काम किया, जिनमें देवी, घराना, कभी तो मिलेंगे और जी हॉरर शो जैसे लोकप्रिय शो शामिल हैं। हर भूमिका में उन्होंने अपनी सादगी और प्रतिभा का परिचय दिया।
आज इस ऐतिहासिक धारावाहिक को प्रसारित हुए लगभग 38 साल हो चुके हैं। समय के साथ रेणुका इसरानी के लुक में काफी बदलाव आया है। वर्तमान में वह करीब 59 वर्ष की हो चुकी हैं और पहले की तुलना में उन्हें पहचान पाना आसान नहीं है। हालांकि, उनके चेहरे की वही सौम्यता और शालीनता आज भी बरकरार है, जिसने कभी दर्शकों को उनका दीवाना बना दिया था।
अब रेणुका इसरानी लाइमलाइट से दूर एक शांत और सादगी भरी जिंदगी जी रही हैं। वह मुख्यधारा के टीवी और फिल्मों से दूर हैं, लेकिन सोशल मीडिया के जरिए अपने प्रशंसकों से जुड़ी रहती हैं। इंस्टाग्राम पर वह अपने जीवन की झलकियां साझा करती हैं, जिससे उनके पुराने फैंस आज भी उनसे जुड़े हुए हैं।
रेणुका इसरानी का सफर इस बात का प्रमाण है कि सच्ची प्रतिभा समय के साथ फीकी नहीं पड़ती। ‘महाभारत’ की गांधारी के रूप में उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा और आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।

