2 Nov 2026, Mon
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स्टॉक मार्केट में भूचाल, सेंसेक्स 852 अंक लुढ़का, निफ्टी 24,173 पर बंद, ये स्टॉक्स सबसे ज्यादा टूटे

Stock Market Update: सेंसेक्स 852 अंक टूटा, निफ्टी में भारी गिरावट, ऑटो और बैंकिंग सेक्टर दबाव में

घरेलू शेयर बाजार गुरुवार के कारोबारी सत्र में ग्लोबल संकेतों और भारी बिकवाली के दबाव में गिरावट के साथ बंद हुआ। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बाजार अंत में लाल निशान पर आकर बंद हुआ। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज गिरावट देखने को मिली, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स भी दबाव में रहे।

सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट

बीएसई सेंसेक्स आज 852.49 अंकों की गिरावट के साथ 77,664.00 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं एनएसई का निफ्टी भी 205.05 अंक टूटकर 24,173.05 के स्तर पर बंद हुआ। पूरे सत्र के दौरान बाजार में लगातार बिकवाली का दबाव देखने को मिला।

मिडकैप इंडेक्स में 0.4% की गिरावट दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6% टूटकर बंद हुआ, जिससे व्यापक बाजार में कमजोरी का संकेत मिला।


इन शेयरों में रही सबसे ज्यादा गिरावट

निफ्टी के प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में ट्रेंट, एमएंडएम, श्रीराम फाइनेंस, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस और टेक महिंद्रा शामिल रहे। इन शेयरों में बिकवाली का दबाव अधिक देखा गया।

वहीं दूसरी ओर कुछ शेयरों में खरीदारी भी देखने को मिली। डॉ. रेड्डीज लैब्स, सिप्ला, जियो फाइनेंशियल, अदानी एंटरप्राइजेज और अपोलो हॉस्पिटल्स जैसे शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।


सेक्टोरल प्रदर्शन कैसा रहा?

सेक्टोरल इंडेक्स में मिला-जुला रुझान देखने को मिला।

  • कैपिटल गुड्स सेक्टर में 0.4% की बढ़त
  • हेल्थकेयर इंडेक्स में 1.6% की मजबूती
  • एनर्जी इंडेक्स में 0.25% की बढ़त
  • मीडिया इंडेक्स में 0.9% की तेजी

वहीं दूसरी ओर कई प्रमुख सेक्टरों में गिरावट देखने को मिली।

  • ऑटो सेक्टर में 2% की गिरावट
  • कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 2% की गिरावट
  • PSU बैंक इंडेक्स में 2% की गिरावट
  • IT, रियल्टी, मेटल और प्राइवेट बैंक सेक्टर में करीब 1% की कमजोरी

बाजार में दबाव की वजह क्या रही?

विश्लेषकों के अनुसार ग्लोबल मार्केट से कमजोर संकेत, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते घरेलू बाजार पर दबाव देखा गया। इसके अलावा कुछ बड़े सेक्टर्स में मुनाफावसूली भी गिरावट की प्रमुख वजह रही।


आगे की नजर

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले सत्रों में ग्लोबल संकेत और विदेशी निवेशकों की गतिविधि बाजार की दिशा तय करेंगे। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रुख अपनाने की सलाह दी जा रही है।

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