डायबिटीज में गुड़ या जैगरी पाउडर कितना सुरक्षित? जानिए एक्सपर्ट की राय
आजकल हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए लोग अपनी डाइट में कई बदलाव कर रहे हैं। खासतौर पर मीठा खाने के शौकीन लोग सफेद चीनी की जगह गुड़ या जैगरी पाउडर का इस्तेमाल करने लगे हैं। उन्हें लगता है कि यह चीनी से ज्यादा सुरक्षित और सेहतमंद विकल्प है। लेकिन सवाल यह है कि क्या डायबिटीज के मरीज भी बिना चिंता के गुड़ या जैगरी पाउडर का सेवन कर सकते हैं? इस पर विशेषज्ञों की राय कुछ अलग ही तस्वीर पेश करती है।
डाइटिशियन के अनुसार, जैगरी पाउडर यानी गुड़ से बनी शक्कर को पूरी तरह सुरक्षित मानना एक गलतफहमी हो सकती है। भले ही गुड़ कम प्रोसेस्ड होता है और इसमें आयरन, कैल्शियम और पोटैशियम जैसे कुछ मिनरल्स पाए जाते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह डायबिटीज के मरीजों के लिए सुरक्षित है। असल में गुड़ और चीनी दोनों ही शरीर में जाकर ब्लड शुगर लेवल को बढ़ाते हैं।
अगर कैलोरी की बात करें तो दोनों में ज्यादा फर्क नहीं है। एक टेबलस्पून जैगरी पाउडर में लगभग 38 से 66 कैलोरी होती है, जबकि उतनी ही मात्रा में चीनी में करीब 48 से 60 कैलोरी पाई जाती है। यानी कैलोरी के मामले में दोनों लगभग बराबर हैं। इसलिए अगर कोई व्यक्ति यह सोचकर गुड़ खा रहा है कि इससे वजन नहीं बढ़ेगा या ब्लड शुगर कंट्रोल रहेगा, तो यह पूरी तरह सही नहीं है।
डायबिटीज के मरीजों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वे अपने कुल कार्बोहाइड्रेट और शुगर सेवन पर ध्यान दें। चाहे वह चीनी हो या गुड़, दोनों ही शरीर में ग्लूकोज लेवल को बढ़ाते हैं। यही कारण है कि विशेषज्ञ डायबिटीज के मरीजों को दोनों से ही दूरी बनाए रखने की सलाह देते हैं। हालांकि, यदि किसी व्यक्ति का ब्लड शुगर कंट्रोल में है, तो डॉक्टर की सलाह से बहुत सीमित मात्रा में कभी-कभी गुड़ का सेवन किया जा सकता है।
इसके अलावा, डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट में फाइबर और प्रोटीन की मात्रा बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। हरी सब्जियां, साबुत अनाज, दालें और प्रोटीन युक्त आहार ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। साथ ही नियमित व्यायाम और एक्टिव लाइफस्टाइल भी बेहद जरूरी है।
एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि हर व्यक्ति की शारीरिक स्थिति अलग होती है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों को अपनी डाइट खुद तय करने के बजाय किसी विशेषज्ञ या डाइटिशियन से सलाह लेकर ही भोजन योजना बनानी चाहिए।
कुल मिलाकर, गुड़ को चीनी से बेहतर विकल्प तो माना जा सकता है, लेकिन इसे पूरी तरह सुरक्षित मानना सही नहीं है। खासकर डायबिटीज के मरीजों के लिए यह जरूरी है कि वे मीठे के हर रूप से सावधानी बरतें और संतुलित मात्रा में ही सेवन करें।

