23 Apr 2026, Thu

शेयर बाजार का जोश हाई, सेंसेक्स 390 अंक से ज्यादा उछला, निफ्टी भी 24,400 के पार, ये स्टॉक्स चमके

Stock Market Update: वैश्विक तनाव के बीच संभला बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी में जोरदार तेजी

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव की आशंकाओं के बीच घरेलू शेयर बाजार ने शुरुआती घबराहट के बाद मजबूती दिखाई है। मंगलवार को बाजार सपाट शुरुआत के बाद तेजी के साथ ऊपर चढ़ गया, जिससे निवेशकों में फिर से भरोसा लौटा है। वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय बाजारों में मजबूती देखी जा रही है।

सुबह 9:21 बजे BSE Sensex 393.23 अंकों की तेज बढ़त के साथ 78,913.53 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं NSE Nifty 50 भी 102.55 अंक चढ़कर 24,467.40 पर कारोबार करता दिखा। हालांकि, शुरुआती मिनटों में बाजार में हल्की सुस्ती देखी गई थी, जहां सेंसेक्स मामूली बढ़त और निफ्टी हल्की गिरावट के साथ खुला था।

शेयरों की बात करें तो शुरुआती कारोबार में कई दिग्गज कंपनियों के स्टॉक्स में तेजी देखने को मिली। Adani Ports, Shriram Finance, ICICI Bank, Axis Bank और Bajaj Finance जैसे शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर, Infosys, TCS और UltraTech Cement जैसे शेयरों में गिरावट दर्ज की गई।

सेक्टोरल इंडेक्स पर नजर डालें तो आईटी सेक्टर को छोड़कर लगभग सभी सेक्टर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 0.5% की बढ़त ने यह संकेत दिया कि बाजार में व्यापक स्तर पर खरीदारी हो रही है।

मुद्रा बाजार में हालांकि रुपये पर दबाव देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया 16 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93.32 पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा बाजार के जानकारों के अनुसार डॉलर की मजबूती और नीतिगत बदलावों का असर रुपये पर पड़ा है। हालांकि, घरेलू शेयर बाजार में तेजी और विदेशी निवेशकों की खरीदारी ने रुपये को कुछ हद तक सहारा दिया।

वैश्विक स्तर पर भी बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। अमेरिका-ईरान तनाव के कारण निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है, जिसका असर एशियाई बाजारों पर भी पड़ा। जापान का Nikkei 225 1.1% चढ़ा, जबकि दक्षिण कोरिया का KOSPI 1.8% की बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं हांगकांग का Hang Seng Index और चीन का शंघाई कम्पोजिट इंडेक्स हल्की गिरावट के साथ कारोबार करते दिखे।

कमोडिटी बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। ब्रेंट क्रूड 95 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है, हालांकि इसमें मामूली गिरावट देखी गई। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, खासकर जब तक अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव और शांति वार्ता की स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती। इसके बावजूद, घरेलू बाजार की मजबूती और निवेशकों की खरीदारी से संकेत मिलता है कि लंबी अवधि में बाजार सकारात्मक रुख बनाए रख सकता है।

कुल मिलाकर, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय शेयर बाजार ने मजबूती दिखाते हुए निवेशकों को राहत दी है। आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

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