23 Apr 2026, Thu

गंगा के मैदानी इलाकों और गुजरात से लेकर महाराष्ट्र तक अप्रैल से जून के बीच भीषण गर्मी, IMD ने जारी किया अलर्ट

Heatwave Alert: देश के कई हिस्सों में इस साल बढ़ेगी भीषण गर्मी, IMD ने जारी किया अलर्ट

देशभर में इस साल गर्मी अपने तीखे तेवर दिखाने वाली है। India Meteorological Department (IMD) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अप्रैल से जून के बीच देश के कई हिस्सों में सामान्य से ज्यादा हीटवेव (लू) के दिन देखने को मिल सकते हैं। खासतौर पर गंगा के मैदानी इलाकों, पूर्वी तटीय राज्यों और पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में भीषण गर्मी पड़ने की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने बताया कि देश के कई क्षेत्रों में पहले से ही तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है, और इस साल इसमें और बढ़ोतरी हो सकती है। उदाहरण के तौर पर विदर्भ क्षेत्र में तापमान 41-42 डिग्री तक पहुंच रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश और हरियाणा में मई के दौरान पारा 40 से 44 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। ऐसे में लोगों को अत्यधिक गर्मी के लिए तैयार रहने की जरूरत है।

IMD के अनुसार, अप्रैल से जून के बीच पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्सों, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में लू का प्रभाव सबसे अधिक देखने को मिल सकता है। इसके अलावा बिहार, झारखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी हीटवेव का असर रहेगा। गंगा के मैदानी क्षेत्रों में भी लू के दिन सामान्य से अधिक हो सकते हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

मौसम विभाग ने लोगों को समय रहते सतर्क करने के लिए कई स्तरों पर प्रयास तेज कर दिए हैं। व्हाट्सऐप ग्रुप, डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और सरकारी अलर्ट सिस्टम के जरिए मजदूरों, रेहड़ी-पटरी वालों और खेतों में काम करने वाले लोगों तक जानकारी पहुंचाई जा रही है। इसके अलावा National Disaster Management Authority के कॉमन अलर्ट प्रोटोकॉल के तहत मोबाइल फोन पर भी चेतावनी संदेश भेजे जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि हर साल अप्रैल और मई के महीनों में तापमान में वृद्धि सामान्य बात है, लेकिन इस बार इसकी तीव्रता अधिक हो सकती है। मॉनसून आने से पहले जून तक गर्मी अपने चरम पर रहती है, इसलिए इस अवधि में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

IMD ने यह भी बताया कि वह समय-समय पर अपने पूर्वानुमानों को अपडेट करता रहता है। हर गुरुवार को अगले चार हफ्तों के लिए विस्तारित पूर्वानुमान जारी किया जाता है, जबकि जिला स्तर पर रोजाना सात दिन की चेतावनी भी दी जाती है। फरवरी के अंत में जारी शुरुआती पूर्वानुमान को मार्च के अंत में अपडेट कर दिया गया था, जिसमें गर्मी की तीव्रता को लेकर चेतावनी दी गई है।

विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त पानी पिएं और हल्के कपड़े पहनें। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार व्यक्तियों को विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है, क्योंकि हीटवेव का असर इन पर अधिक पड़ता है।

कुल मिलाकर, इस साल गर्मी के मौसम में देश के कई हिस्सों में हालात चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं। ऐसे में सतर्कता और समय पर जानकारी ही इस भीषण गर्मी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका साबित हो सकती है।

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