महाराष्ट्र और कर्नाटक के बीच कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने वाला प्रस्तावित पुणे-बेंगलुरु ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे अब अपनी अंतिम मंजूरी के बेहद करीब पहुंच गया है। Ministry of Road Transport and Highways की महत्वाकांक्षी Bharatmala Pariyojana के तहत विकसित होने वाला यह प्रोजेक्ट देश के सबसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में से एक माना जा रहा है।
करीब 700 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे Pune को सीधे Bengaluru से जोड़ेगा। इस हाई-स्पीड कॉरिडोर में 6 से 8 लेन होंगी और इसे पूरी तरह एक्सेस-कंट्रोल्ड बनाया जाएगा, जिससे वाहन बिना किसी रुकावट के तेज गति से चल सकेंगे। अधिकारियों के मुताबिक, इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹45,000 करोड़ से ₹50,000 करोड़ के बीच हो सकती है।
इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा यात्रा समय में भारी कमी के रूप में सामने आएगा। वर्तमान में पुणे से बेंगलुरु तक सड़क मार्ग से पहुंचने में लगभग 14 से 15 घंटे का समय लगता है, लेकिन इस नए एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद यह सफर महज 7 घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इससे यात्रियों को न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ईंधन खर्च और थकान में भी कमी आएगी।
यह प्रोजेक्ट केवल यात्रा को आसान बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्रीय विकास को भी बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। एक्सप्रेसवे Satara, Sangli, Belagavi, Vijayanagara, Davanagere और Tumakuru जैसे महत्वपूर्ण शहरों से होकर गुजरेगा। इससे इन इलाकों में औद्योगिक विकास, लॉजिस्टिक्स हब और नए व्यापारिक केंद्र विकसित होने की संभावनाएं बढ़ जाएंगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर पश्चिमी महाराष्ट्र के कृषि उत्पादों और बेंगलुरु के तकनीकी एवं औद्योगिक सामानों के परिवहन को तेज और सस्ता बनाएगा। इससे दोनों राज्यों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी और अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ पहुंचेगा। साथ ही, एक्सप्रेसवे के किनारे वेयरहाउस, इंडस्ट्रियल पार्क और स्टार्टअप हब विकसित होने से हजारों रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, अगले कुछ हफ्तों में इस परियोजना के एलाइनमेंट को अंतिम मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यदि सब कुछ तय समय पर होता है, तो यह एक्सप्रेसवे आने वाले वर्षों में देश के सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक कॉरिडोर में से एक बन सकता है।
कुल मिलाकर, पुणे-बेंगलुरु ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा को तेज और सुविधाजनक बनाएगा, बल्कि यह भारत के इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विकास की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

