बुधवार को भारतीय शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत करते हुए निवेशकों को बड़ा तोहफा दिया। वैश्विक संकेतों में सुधार और घरेलू स्तर पर बढ़ते भरोसे के चलते बाजार खुलते ही तेजी की लहर दौड़ पड़ी। दलाल स्ट्रीट पर बुल्स का दबदबा साफ नजर आया, जिसके चलते प्रमुख सूचकांक ऊंचे स्तर पर पहुंच गए।
कारोबार की शुरुआत में BSE Sensex 1,293.76 अंकों की जोरदार बढ़त के साथ 78,141.33 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं NSE Nifty 50 भी पीछे नहीं रहा और 366.30 अंक यानी 1.54% की तेजी के साथ 24,208.95 के स्तर को पार कर गया। यह उछाल इस बात का संकेत है कि निवेशकों का भरोसा एक बार फिर बाजार पर मजबूत हुआ है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, पश्चिम एशिया में तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की उम्मीदों ने वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बनाया है। इसी का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। निवेशकों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए जमकर खरीदारी की, जिससे बाजार में चौतरफा तेजी आई।
आज के कारोबार की खास बात यह रही कि तेजी केवल कुछ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं रही, बल्कि व्यापक स्तर पर देखने को मिली। आंकड़ों के अनुसार, करीब 2,327 शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जबकि सिर्फ 377 शेयरों में गिरावट आई। वहीं 154 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। यह संकेत देता है कि बाजार में व्यापक रूप से सकारात्मक धारणा बनी हुई है।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो बैंकिंग सेक्टर ने सबसे ज्यादा चमक दिखाई। निफ्टी बैंक इंडेक्स में करीब 2% की तेजी दर्ज की गई। यूनियन बैंक, इंडसइंड बैंक और IDFC फर्स्ट बैंक जैसे शेयरों में 3% से अधिक की बढ़त देखने को मिली। इसके अलावा केनरा बैंक और पंजाब नेशनल बैंक के शेयरों में भी मजबूत खरीदारी हुई, जिससे बैंकिंग सेक्टर ने बाजार को ऊपर खींचने में अहम भूमिका निभाई।
एविएशन सेक्टर में भी जबरदस्त तेजी देखने को मिली। इंटरग्लोब एविएशन, जो इंडिगो एयरलाइंस की पेरेंट कंपनी है, के शेयर में 4.54% की उछाल दर्ज की गई। इसके अलावा अल्ट्राटेक सीमेंट, एशियन पेंट्स, श्रीराम फाइनेंस और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज जैसे दिग्गज शेयर भी टॉप गेनर्स की सूची में शामिल रहे।
हालांकि, इतनी बड़ी तेजी के बीच कुछ शेयरों में दबाव भी देखने को मिला। डॉ. रेड्डीज लैबोरेट्रीज, ओएनजीसी और कोल इंडिया जैसे शेयरों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। लेकिन बाजार की कुल मिलाकर मजबूत स्थिति के कारण इन गिरावटों का व्यापक असर नहीं पड़ा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेत जारी रहते हैं और भू-राजनीतिक तनाव कम होता है, तो भारतीय बाजार में यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है। फिलहाल निवेशकों के लिए यह संकेत है कि बाजार में विश्वास लौट रहा है, लेकिन उतार-चढ़ाव को देखते हुए सतर्क निवेश रणनीति अपनाना जरूरी रहेगा।

