सीएम योगी का लखीमपुर-खीरी दौरा: माफियाओं को सख्त चेतावनी, गांव का नाम बदलकर ‘रविंद्रनगर’ करने का ऐलान
लखीमपुर-खीरी में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माफियाओं के खिलाफ सख्त रुख दोहराया और जिले के विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस दौरान उन्होंने माफियाओं को स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदेश में अपराध और अराजकता के लिए कोई जगह नहीं है।
गांव का नाम बदला, ‘मियांपुर’ अब बनेगा ‘रविंद्रनगर’
सीएम योगी ने जनसभा के दौरान बड़ी घोषणा करते हुए खीरी जिले के मियांपुर गांव का नाम बदलने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब इस गांव को ‘रविंद्रनगर’ के नाम से जाना जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान पहचान छिपाने के लिए कई स्थानों के नाम बदले गए थे, जबकि वहां उस नाम से संबंधित कोई ऐतिहासिक या सामाजिक आधार नहीं था। उन्होंने कहा कि अब ऐसे बदलावों को सुधारकर नई पहचान दी जा रही है।
माफियाओं पर सीएम योगी का सख्त संदेश
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माफियाओं को लेकर बेहद सख्त शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में अब माफियाओं की कोई जगह नहीं बची है।
सीएम योगी ने कहा, “माफिया मिट्टी में मिल चुके हैं, फिर भी अगर कोई माफिया बनने की कोशिश करेगा तो उसे भी मिट्टी में मिलने की तैयारी करनी होगी।” उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसी भी कीमत पर गरीबों का हक छिनने नहीं देगी और युवाओं के रोजगार पर डकैती डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अब लखीमपुर-खीरी में कोई भी माफिया पनप नहीं सकता और कानून-व्यवस्था को हर हाल में मजबूत रखा जाएगा।
सामाजिक न्याय और सम्मान पर जोर
सीएम योगी ने अपने भाषण में सामाजिक न्याय और महापुरुषों के सम्मान पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार दलित और वंचित वर्गों को सम्मान दिलाने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर, संत रविदास और महर्षि वाल्मीकि का उल्लेख करते हुए कहा कि इन महापुरुषों के स्मारकों और मूर्तियों के आसपास बाउंड्री वॉल और शेड का निर्माण सरकार की प्राथमिकता में है। इसके लिए आवश्यक बजट की व्यवस्था भी की गई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार सामाजिक न्याय के पुरोधाओं और महापुरुषों की विरासत को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है।
‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया नहीं बल्कि विकास’ की नीति
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया’ के दौर से आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में “वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज”, “वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट” और “वन डिस्ट्रिक्ट वन डेस्टिनेशन” जैसी योजनाएं लागू की जा रही हैं।
लखीमपुर-खीरी में मेडिकल कॉलेज की स्थापना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। साथ ही उन्होंने स्थानीय उत्पादों और थारू जनजाति के हस्तशिल्प को बढ़ावा देने की बात भी कही।
कृषि और विकास पर फोकस
मुख्यमंत्री ने किसानों के हितों की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को सीधा लाभ दिया जा रहा है।
इसके अलावा उन्होंने बताया कि किसानों को एमएसपी का लाभ, ट्यूबवेल कनेक्शन और बिजली सुविधाएं बिना किसी अतिरिक्त बोझ के दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह सब तभी संभव है जब सरकार संवेदनशीलता के साथ काम करती है।
लखीमपुर के विकास पर जोर
सीएम योगी ने लखीमपुर-खीरी को कृषि और क्षेत्रफल की दृष्टि से उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा जिला बताते हुए कहा कि यहां पर्यटन और स्थानीय व्यंजनों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन डिश’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि स्थानीय व्यंजनों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जाएगी।
निष्कर्ष
सीएम योगी का यह दौरा न केवल प्रशासनिक घोषणाओं के लिए महत्वपूर्ण रहा, बल्कि उन्होंने कानून-व्यवस्था, सामाजिक न्याय और विकास के मुद्दों पर भी सरकार की नीति को स्पष्ट किया। माफियाओं को कड़ी चेतावनी और गांव का नाम बदलने जैसे फैसलों ने इस दौरे को राजनीतिक रूप से भी खास बना दिया है।

