3 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई। एक ही दिन में इसमें लगभग ₹3,300 की गिरावट आई, जो बाजार में एक बड़ा मूव माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया है, जिससे कीमतों पर दबाव बना।
वहीं सोने की कीमतों में भी गिरावट का रुख देखा गया। MCX पर 24 कैरेट सोना लगभग ₹500 गिरकर ₹1,51,272 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। हालांकि सोने में गिरावट चांदी की तुलना में कम रही, लेकिन यह संकेत देता है कि बाजार फिलहाल अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी दोनों कमजोर नजर आए। स्पॉट सिल्वर घटकर करीब 73.83 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि सोना भी दबाव में रहा। डॉलर की मजबूती और वैश्विक आर्थिक स्थिति को लेकर बनी अनिश्चितता का सीधा असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ा है। निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और बड़े फैसले लेने से बच रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट लंबे समय के लिए नहीं हो सकती। आने वाले समय में ब्याज दरों से जुड़े फैसले, वैश्विक आर्थिक स्थिति और भू-राजनीतिक तनाव सोने-चांदी की कीमतों की दिशा तय करेंगे। अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव बढ़ता है या आर्थिक अस्थिरता आती है, तो सोना-चांदी फिर से सुरक्षित निवेश के रूप में उभर सकते हैं।
निवेशकों के लिए यह समय काफी अहम माना जा रहा है। लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट एक अच्छा खरीदारी अवसर बन सकती है, जबकि शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को थोड़ा सावधानी बरतने की जरूरत है। बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है, इसलिए जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना चाहिए।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, सोना और चांदी की कीमतों में आई यह गिरावट बाजार की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है। निवेशकों को समझदारी और धैर्य के साथ अपने फैसले लेने चाहिए। सही रणनीति अपनाकर इस उतार-चढ़ाव भरे बाजार में भी अच्छा लाभ कमाया जा सकता है।

