Stock Market Update: सेंसेक्स 633 अंक उछला, निफ्टी में 196 अंकों की तेजी; स्मॉलकैप में 1.6% की बढ़त
वैश्विक तनाव और उतार-चढ़ाव के बीच घरेलू शेयर बाजार बुधवार को मजबूती के साथ बंद हुआ। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 633.29 अंकों की तेजी के साथ 76,704.13 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 196.65 अंक चढ़कर 23,777.80 के स्तर पर पहुंच गया। शुरुआती सत्र में भारी गिरावट के बाद बाजार ने दिन के दूसरे हिस्से में शानदार रिकवरी दिखाई।
सेक्टोरल प्रदर्शन
एफएमसीजी और मेटल सेक्टर को छोड़कर बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। रियल्टी, आईटी, ऑटो, मीडिया, कैपिटल गुड्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, टेलीकॉम और इंफ्रा सेक्टर में 1% से 3% तक की तेजी दर्ज की गई।
मिडकैप इंडेक्स में भी करीब 2% की बढ़त रही, जबकि स्मॉलकैप इंडेक्स 1.6% चढ़कर बंद हुआ, जिससे व्यापक स्तर पर खरीदारी का संकेत मिला।
निफ्टी के टॉप गेनर्स और लूजर्स
आज के सत्र में निफ्टी के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में शामिल रहे:
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जियो फाइनेंशियल
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टेक महिंद्रा
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इंफोसिस
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इटरनल
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एमएंडएम
वहीं गिरावट वाले शेयरों में शामिल रहे:
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कोल इंडिया
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एनटीपीसी
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एचयूएल
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सिप्ला
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सन फार्मा
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, हालिया गिरावट के बाद निवेशकों द्वारा की गई वैल्यू बाइंग और शॉर्ट कवरिंग ने बाजार को सपोर्ट दिया।
एक्सपर्ट की राय
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर के मुताबिक, यह रिकवरी व्यापक रही और कई सेक्टर्स में खरीदारी देखने को मिली। उनके अनुसार आईटी, रियल्टी और ऑटो सेक्टर ने बाजार को मजबूती दी। साथ ही मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी।
रुपये में गिरावट
मजबूत अमेरिकी डॉलर और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के दबाव में बुधवार को भारतीय रुपया 23 पैसे कमजोर होकर 92.63 (अस्थायी) प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान रुपया 92.65 के इंट्रा-डे लो तक भी गिर गया।
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) द्वारा लगातार बिकवाली और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने रुपये पर दबाव बनाए रखा।
कच्चे तेल के दाम में उतार-चढ़ाव
वैश्विक बाजार में सप्लाई संबंधी चिंताओं में कमी के संकेतों के बीच वायदा बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर क्रूड ऑयल 137 रुपये या 1.54% गिरकर 8,734 रुपये प्रति बैरल पर आ गया।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी ब्रेंट क्रूड और WTI में गिरावट देखने को मिली। विश्लेषकों के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद तेल बाजार में फिलहाल सप्लाई को लेकर चिंता कम हुई है, जिससे कीमतों में नरमी आई है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, बुधवार का सत्र निवेशकों के लिए सकारात्मक रहा। शुरुआती गिरावट के बाद बाजार ने मजबूत वापसी की और अधिकांश सेक्टर्स हरे निशान में बंद हुए। हालांकि रुपये पर दबाव और वैश्विक अस्थिरता आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है। 📈💹

