ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर एक बड़ा संकेत सामने आया है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के मुताबिक, अगर अमेरिका ईरानी तेल निर्यात पर लगी नाकेबंदी और सैन्य दबाव कम करने की दिशा में कदम उठाता है, तो ईरान एक सप्ताह के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने के लिए तैयार हो सकता है। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी इसका असर देखने को मिला और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई।
7 दिन में खोलने का संकेत
ईरानी अधिकारी ने कहा है कि अमेरिका की ओर से अगर ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटाने और सैन्य दबाव कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाते हैं, तो तेहरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को करीब सात दिनों में फिर से खोल सकता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक संपर्क दोबारा बढ़ा है।
ईरान का प्रतिनिधिमंडल संयुक्त राष्ट्र महासभा के लिए न्यूयॉर्क में मौजूद है और बातचीत के जरिए तनाव कम करने के विकल्पों पर चर्चा हो रही है। हालांकि, दोनों देशों के बीच अभी भी कई अहम मुद्दों पर मतभेद बने हुए हैं।
कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा असर
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा खोलने की संभावना की खबर से वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई। इसके चलते कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिली। अमेरिकी WTI क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से नीचे चला गया, जबकि ब्रेंट क्रूड भी 100 डॉलर के आसपास से नीचे कारोबार करता नजर आया।
बाजार में यह उम्मीद बनी कि अगर होर्मुज से तेल और गैस की आवाजाही सामान्य होती है तो वैश्विक आपूर्ति पर दबाव कम हो सकता है। हालांकि, कीमतों में आगे की दिशा काफी हद तक अमेरिका-ईरान बातचीत और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर निर्भर करेगी।
सऊदी अरब ने भी तैयार किया वैकल्पिक रास्ता
होर्मुज के महत्व को देखते हुए सऊदी अरब भी अपनी ऊर्जा आपूर्ति के लिए वैकल्पिक मार्गों पर काम कर रहा है। देश ने ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन का संचालन दोबारा शुरू किया है। यह पाइपलाइन कच्चे तेल को फारस की खाड़ी के बजाय लाल सागर के तट तक पहुंचाने में मदद करती है, जिससे तेल के कुछ निर्यात को होर्मुज से अलग रास्ते से भेजा जा सकता है।
यह कदम ऐसे समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है जब क्षेत्रीय संघर्ष के कारण समुद्री रास्तों पर दबाव बढ़ा हुआ है। वैकल्पिक निर्यात मार्गों के सक्रिय होने से बाजार को कुछ राहत मिल सकती है।
होर्मुज क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ने वाला बेहद अहम समुद्री मार्ग है। दुनिया के तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस के बड़े हिस्से की आवाजाही इसी रास्ते से होती है। इसलिए यहां लंबे समय तक किसी तरह की बाधा रहने पर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर सीधा असर पड़ सकता है।
फिलहाल बाजार की नजर अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत पर है। यदि दोनों पक्षों के बीच तनाव कम करने को लेकर सहमति बनती है और होर्मुज से व्यापारिक आवाजाही सामान्य होती है, तो इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार को राहत मिलने की संभावना है। हालांकि, अभी सात दिनों में मार्ग खुलने की बात एक ईरानी अधिकारी के बयान पर आधारित है और इसे अंतिम समझौते के रूप में नहीं देखा जा सकता।

