22 Sep 2026, Tue

75,000 रुपये प्रति टन तक पहुंची स्टील की कीमतें, 4 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा भाव

देश में स्टील की कीमतों में एक बार फिर जोरदार तेजी देखने को मिली है। कच्चे माल की बढ़ती लागत और मानसून के बाद मांग में आई तेजी के चलते स्टील के दाम करीब चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, हॉट रोल्ड कॉइल (HRC) और कोल्ड रोल्ड कॉइल (CRC) की कीमतों में अगस्त से ही बड़ा उछाल दर्ज किया गया है। वहीं, आने वाले महीनों में भी स्टील की कीमतों में नरमी की संभावना कम बताई जा रही है।

75 हजार रुपये प्रति टन तक पहुंची CRC की कीमत

मौजूदा समय में देश में हॉट रोल्ड कॉइल की कीमत करीब 64,000 रुपये प्रति टन तक पहुंच गई है। वहीं, कोल्ड रोल्ड कॉइल की कीमत 75,000 रुपये प्रति टन तक पहुंच गई है। ये दोनों फ्लैट स्टील प्रोडक्ट्स दुनिया भर में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किए जाते हैं।

स्टील की कीमतों का मौजूदा स्तर इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस तरह के भाव इससे पहले जून 2022 के आसपास देखने को मिले थे। यानी करीब चार साल बाद स्टील की कीमतें फिर उस ऊंचाई के करीब पहुंची हैं।

अगस्त से ही बढ़ रहे हैं दाम

स्टील की कीमतों में यह तेजी अचानक नहीं आई है। 1 अगस्त से हॉट रोल्ड कॉइल के दाम में करीब 6,000 रुपये प्रति टन की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, कोल्ड रोल्ड कॉइल की कीमत में 8,500 रुपये प्रति टन का बड़ा इजाफा हुआ है।

अगस्त की शुरुआत में हॉट रोल्ड कॉइल की कीमत करीब 58,000 रुपये प्रति टन थी, जो अब बढ़कर 64,000 रुपये प्रति टन तक पहुंच गई है। इसी तरह कोल्ड रोल्ड कॉइल की कीमत 66,500 रुपये प्रति टन से बढ़कर 75,000 रुपये प्रति टन तक पहुंच गई है।

महंगा हुआ कोकिंग कोल

स्टील की कीमतों में तेजी की एक बड़ी वजह कच्चे माल की बढ़ती लागत है। खास तौर पर कोकिंग कोल की कीमत में तेज बढ़ोतरी हुई है। आंकड़ों के मुताबिक, आयातित कोकिंग कोल की कीमत सिर्फ एक महीने में करीब 65 डॉलर प्रति टन बढ़कर 305 डॉलर प्रति टन हो गई है।

इसके अलावा आयरन ओर फाइन्स की कीमत में भी 200 से 250 रुपये प्रति टन की बढ़ोतरी हुई है। इसकी कीमत अब करीब 4,500 रुपये प्रति टन तक पहुंच गई है। ब्लास्ट फर्नेस के जरिए स्टील बनाने की लागत में कोकिंग कोल की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से अधिक बताई गई है। ऐसे में इसकी कीमत बढ़ने का सीधा असर स्टील उत्पादन की लागत पर पड़ता है।

आगे भी कीमतों में तेजी का अनुमान

स्टील की कीमतों में मौजूदा तेजी के पीछे मांग में बढ़ोतरी भी अहम कारण है। वित्त वर्ष 2027 के अप्रैल से अगस्त के दौरान भारत में स्टील की खपत 70 मिलियन टन तक पहुंच गई, जिसमें सालाना आधार पर करीब 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

आने वाले समय में कंस्ट्रक्शन और इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर से स्टील की मांग जारी रहने की उम्मीद है। ऐसे में मौजूदा वित्त वर्ष के बाकी समय में कीमतों में बड़ी गिरावट की संभावना कम बताई गई है। कच्चे माल की लागत और मजबूत मांग के कारण स्टील बाजार में फिलहाल तेजी का रुख बने रहने के संकेत हैं।

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