5 Nov 2026, Thu

कौन हैं भारतीय मूल की प्रमिला जयपाल? जिन्होंने अमेर‍िकी म‍िडटर्म इलेक्‍शन में लहराया जीत का परचम, छठी बार बनीं US रिप्रेजेंटेटिव

अमेरिका में 2026 के मध्यावधि चुनावों में भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक नेता प्रमिला जयपाल ने एक बार फिर जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत की है। उन्होंने वॉशिंगटन राज्य के 7वें कांग्रेसनल जिले से रिपब्लिकन उम्मीदवार नीरव शेठ को बड़े अंतर से हराया। इस जीत के साथ वह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में अपना छठा कार्यकाल शुरू करने जा रही हैं। शुरुआती चुनावी आंकड़ों के अनुसार, उन्हें करीब 87.5 प्रतिशत वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंद्वी को लगभग 12.1 प्रतिशत मत प्राप्त हुए। <Cite refs={[“turn549574search2″,”turn549574search3”]}/>

इस जीत के बाद भारतीय मूल की इस नेता की चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। खास बात यह है कि वह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में पहुंचने वाली पहली दक्षिण एशियाई मूल की महिला हैं। उनका सफर भारत से अमेरिका की राजनीति के शीर्ष संस्थानों तक पहुंचने की प्रेरक कहानी है।

कौन हैं प्रमिला जयपाल?

प्रमिला जयपाल का जन्म 21 सितंबर 1965 को भारत के चेन्नई में हुआ था। उनका बचपन भारत के अलावा इंडोनेशिया और सिंगापुर में भी बीता। पढ़ाई के लिए महज 16 साल की उम्र में वह अकेले अमेरिका चली गई थीं। वहां उन्होंने जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया और आगे चलकर नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी से एमबीए की डिग्री हासिल की। <Cite refs={[“turn549574search0″,”turn549574search10”]}/>

अमेरिका पहुंचने के बाद उन्हें पढ़ाई, नौकरी और नागरिकता हासिल करने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने अपने प्रवासी जीवन के अनुभवों को भी सार्वजनिक रूप से साझा किया है। उनके पास पहले छात्र वीजा और बाद में एच-1बी वर्क वीजा भी रहा। यही अनुभव आगे चलकर उनकी राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता का महत्वपूर्ण हिस्सा बना।

सामाजिक कार्यों से शुरू हुआ राजनीतिक सफर

राजनीति में आने से पहले प्रमिला जयपाल ने करीब दो दशक तक सामाजिक कार्यों और सार्वजनिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में काम किया। उन्होंने प्रवासियों के अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठन OneAmerica की स्थापना की और लंबे समय तक इसकी कार्यकारी निदेशक रहीं।

इसके बाद उन्होंने वॉशिंगटन राज्य की राजनीति में कदम रखा। साल 2015 में वह राज्य सीनेट की सदस्य चुनी गईं। वर्ष 2016 में उन्होंने अमेरिकी प्रतिनिधि सभा का चुनाव जीता और जनवरी 2017 में सांसद के रूप में अपना कार्यकाल शुरू किया। इसके बाद लगातार चुनाव जीतकर उन्होंने अपनी राजनीतिक पहचान मजबूत की। <Cite refs={[“turn549574search0″,”turn549574search1″,”turn549574search10”]}/>

इमिग्रेशन नीतियों पर खुलकर रखती हैं अपनी राय

प्रमिला जयपाल अमेरिकी राजनीति में प्रवासियों के अधिकारों और इमिग्रेशन सुधारों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रही हैं। वह कानूनी रूप से अमेरिका आने वाले लोगों के लिए रास्ते आसान बनाने और प्रवासी परिवारों के अधिकारों की सुरक्षा की वकालत करती रही हैं।

उन्होंने एच-1बी वीजा से जुड़ी फीस बढ़ाने और कानूनी इमिग्रेशन को सीमित करने वाली नीतियों की भी आलोचना की है। इसके अलावा वह स्वास्थ्य सेवाओं, श्रमिकों के अधिकारों, शिक्षा और आर्थिक असमानता जैसे विषयों पर भी काम करती रही हैं। <Cite refs={[“turn549574search0″,”turn549574search6”]}/>

अमेरिकी राजनीति में निभाती हैं अहम भूमिका

प्रमिला जयपाल अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की न्यायपालिका समिति, विदेश मामलों की समिति और बजट समिति में काम कर चुकी हैं। वह कांग्रेसनल प्रोग्रेसिव कॉकस की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। फिलहाल वह इस समूह की चेयर एमेरिटा हैं।

उनकी छठी चुनावी जीत भारतीय मूल के लोगों के लिए भी खास चर्चा का विषय बनी हुई है। भारत में जन्म लेकर अमेरिका की राजनीति में अपनी पहचान बनाने तक का उनका सफर बताता है कि सामाजिक कार्यों से शुरू हुई यात्रा किस तरह राष्ट्रीय स्तर की राजनीतिक भूमिका तक पहुंच सकती है। <Cite refs={[“turn549574search0″,”turn549574search6”]}/>

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