29 Jun 2026, Mon

70 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंची कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भाव में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर तेजी दर्ज की गई। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया सैन्य तनाव तथा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ती अनिश्चितताओं ने वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंताओं को फिर से बढ़ा दिया है। इसके चलते बीते सप्ताह चार महीने के निचले स्तर तक फिसलने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में सुधार देखने को मिला है।

विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ रहा है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में किसी भी तरह का व्यवधान अंतरराष्ट्रीय तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है, जिससे कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

चार महीने के निचले स्तर से लौटी तेजी

केडिया एडवाइजरी के निदेशक अजय केडिया के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच हाल में हुए हमलों ने तेल आपूर्ति को लेकर बाजार की चिंताओं को बढ़ाया है। इसके कारण कच्चे तेल की कीमतों में चार महीने के निचले स्तर से रिकवरी देखने को मिली है।

पिछले कुछ दिनों में दोनों देशों के बीच तनाव उस समय और बढ़ गया, जब ईरान की ओर से खाड़ी क्षेत्र में एक कंटेनर जहाज को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आईं। इसके बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई की और दोनों पक्षों के बीच सैन्य गतिविधियां तेज हो गईं। हालांकि, अब दोनों देशों ने अस्थायी रूप से हमले रोकने और वार्ता का रास्ता अपनाने पर सहमति जताई है।

दोहा में होगी अहम वार्ता

तनावपूर्ण माहौल के बीच अमेरिका और ईरान इस सप्ताह कतर की राजधानी दोहा में बातचीत करने वाले हैं। यह वार्ता मुख्य रूप से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में समुद्री सुरक्षा और जहाजों की आवाजाही को लेकर केंद्रित होगी। दोनों देशों के बीच वार्ता की घोषणा से बाजार को कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन निवेशक अब भी सतर्क बने हुए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बातचीत सकारात्मक रहती है, तो तेल बाजार में स्थिरता लौट सकती है। हालांकि, किसी भी नए सैन्य घटनाक्रम से कीमतों में फिर उछाल आ सकता है।

शिपिंग गतिविधियों में सुधार, लेकिन चिंता बरकरार

अंतरिम शांति समझौते के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, तेल परिवहन अब लगभग सामान्य स्तर पर लौट रहा है। इसके बावजूद पर्शियन गल्फ क्षेत्र में अभी भी बड़ी संख्या में जहाजों की भीड़ बनी हुई है और कई शिपिंग कंपनियां सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।

कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस दोनों में तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार सुबह भारतीय समयानुसार लगभग 8:25 बजे अमेरिकी बेंचमार्क डब्ल्यूटीआई क्रूड (WTI Crude) 1 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार कर रहा था। वहीं ब्रेंट क्रूड भी बढ़त के साथ 72 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया।

हालांकि, मुर्बन क्रूड की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, प्राकृतिक गैस की कीमतों में भी तेजी देखी गई और यह बढ़त के साथ कारोबार करती दिखाई दी।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव पूरी तरह कम नहीं होता, तब तक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।

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