दिग्गज अभिनेता अनुपम खेर की आइकॉनिक फिल्म ‘सारांश’ को रिलीज हुए 42 साल पूरे हो गए हैं। इस खास मौके पर अभिनेता ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए अपनी यादों को ताजा किया और इस फिल्म से जुड़े अपने सफर को याद किया।
अनुपम खेर ने बताया कि ‘सारांश’ सिर्फ उनकी पहली फिल्म नहीं थी, बल्कि उनके जीवन और करियर की नींव रखने वाली एक ऐतिहासिक शुरुआत थी। 25 मई 1984 को रिलीज हुई इस फिल्म ने उन्हें बॉलीवुड में एक मजबूत पहचान दिलाई थी। खास बात यह है कि इस फिल्म में उन्होंने बहुत कम उम्र में एक बुजुर्ग व्यक्ति का किरदार निभाया था, जिसे दर्शकों और समीक्षकों दोनों ने खूब सराहा था।
फिल्म में अनुपम खेर के दमदार अभिनय ने उन्हें रातों-रात चर्चा में ला दिया था। इस प्रदर्शन के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड में बेस्ट एक्टर के सम्मान से भी नवाजा गया था। वहीं फिल्म के निर्देशक महेश भट्ट को भी बेस्ट स्टोरी के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला था। ‘सारांश’ को भारतीय सिनेमा की उन चुनिंदा फिल्मों में गिना जाता है, जिसने भावनात्मक कहानी और मजबूत अभिनय के दम पर दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई।
इस अवसर पर अनुपम खेर ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि यह सफर संघर्ष, सीख, सफलता, असफलता, दोस्ती, यादों और भावनाओं से भरा रहा है। उन्होंने कहा कि ‘सारांश’ उनके जीवन का सबसे महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसने उनके करियर को एक नई दिशा दी।
अनुपम खेर ने अपने पोस्ट में राजश्री प्रोडक्शंस का भी आभार जताया, जिन्होंने एक नए कलाकार पर भरोसा किया और उन्हें यह मौका दिया। साथ ही उन्होंने महेश भट्ट का विशेष रूप से धन्यवाद किया, जिन्होंने उनके अंदर छिपे कलाकार को पहचाना और इस यादगार भूमिका के लिए चुना।
अभिनेता ने लिखा कि शिमला के एक छोटे से शहर से लेकर बॉलीवुड में 42 साल का लंबा सफर तय करना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने कहा कि यह सब ईश्वर की कृपा और दर्शकों के प्यार के बिना संभव नहीं था।
फिल्म ‘सारांश’ आज भी भारतीय सिनेमा प्रेमियों के बीच एक कल्ट क्लासिक मानी जाती है, और अनुपम खेर का यह किरदार उनके करियर का सबसे यादगार प्रदर्शन माना जाता है।

