नई दिल्ली। दिल्ली और एनसीआर में रहने वाले लाखों लोगों के लिए आने वाले वर्षों में कनेक्टिविटी और बेहतर होने की उम्मीद है। दिल्ली मास्टर प्लान 2047 के तहत राजधानी को आसपास के प्रमुख आर्थिक, औद्योगिक और परिवहन केंद्रों से जोड़ने के लिए चार रणनीतिक लिंक कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। इन कॉरिडोर के तैयार होने के बाद दिल्ली से गुरुग्राम, ग्रेटर नोएडा, जेवर एयरपोर्ट और झज्जर स्थित प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान तक पहुंचना आसान हो सकता है।
इन प्रस्तावित कॉरिडोर का उद्देश्य केवल नए इलाकों को जोड़ना ही नहीं, बल्कि दिल्ली की मौजूदा प्रमुख सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करना भी है। योजना के तहत जहां संभव होगा, वहां इन मार्गों को मास ट्रांजिट सिस्टम के साथ विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
पहला लिंक NH-1 से लोनी-बागपत तक
पहले रणनीतिक लिंक के तहत उत्तरी क्षेत्र में मौजूदा शहरी एक्सप्रेसवे के विस्तार को राष्ट्रीय राजमार्ग-1 से लोनी-बागपत एक्सप्रेसवे तक जोड़ने की योजना है। इससे सोनीपत, नरेला और बवाना की तरफ से आने वाले वाहनों को गाजियाबाद और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए एक वैकल्पिक मार्ग मिल सकता है।
इस नए कनेक्शन से दिल्ली के उत्तरी हिस्से में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख पुराने मार्गों पर वाहनों का दबाव भी कम हो सकता है।
द्वारका से जेवर एयरपोर्ट तक बनेगा दूसरा कॉरिडोर
दूसरा कॉरिडोर दिल्ली के द्वारका क्षेत्र को जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए प्रस्तावित है। यह लिंक द्वारका से शुरू होकर नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के रास्ते जेवर एयरपोर्ट तक पहुंच सकता है।
इस कॉरिडोर के बनने से दिल्ली से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को एक अतिरिक्त और तेज मार्ग मिल सकता है। एयरपोर्ट के भविष्य में बढ़ने वाले यातायात को देखते हुए यह कनेक्टिविटी काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
द्वारका से गुरुग्राम तक आसान होगा सफर
तीसरा रणनीतिक लिंक द्वारका सेक्टर-21 से गुरुग्राम के हुडा सिटी सेंटर तक प्रस्तावित किया गया है। दिल्ली और गुरुग्राम के बीच रोजाना बड़ी संख्या में लोग नौकरी, कारोबार और अन्य कामों के लिए यात्रा करते हैं। ऐसे में इस नए कॉरिडोर से दोनों शहरों के बीच आवागमन को अधिक सुगम बनाने में मदद मिल सकती है।
यह मार्ग मौजूदा व्यस्त सड़कों पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ यात्रा के समय को भी कम करने में उपयोगी साबित हो सकता है।
द्वारका से झज्जर तक भी बनेगा लिंक
चौथा प्रस्तावित कॉरिडोर द्वारका को झज्जर स्थित प्रमुख चिकित्सा संस्थान से जोड़ने के लिए तैयार किया जाएगा। इससे पश्चिमी दिल्ली और झज्जर के बीच सीधी कनेक्टिविटी मजबूत हो सकती है।
यह मार्ग खासतौर पर मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। बेहतर सड़क संपर्क से झज्जर की ओर आने-जाने वाले लोगों को मौजूदा मार्गों के मुकाबले अतिरिक्त विकल्प मिल सकेगा।
दिल्ली की सड़कों पर घट सकता है ट्रैफिक दबाव
चारों लिंक कॉरिडोर का सबसे बड़ा फायदा दिल्ली की मौजूदा व्यस्त सड़कों को मिल सकता है। रिंग रोड, वजीराबाद पुल और सिग्नेचर ब्रिज जैसे प्रमुख मार्गों पर वाहनों की निर्भरता कम होने से यातायात को अलग-अलग दिशाओं में बांटने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, इन परियोजनाओं को जमीन पर उतारने से पहले व्यवहारिकता, भूमि और संबंधित राज्यों के साथ समन्वय जैसे कई पहलुओं पर काम किया जाएगा। यदि योजना तय समय के अनुसार आगे बढ़ती है, तो आने वाले वर्षों में दिल्ली-NCR का सड़क नेटवर्क पहले से ज्यादा मजबूत और कनेक्टेड हो सकता है।

