मुंबई: हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार ने सकारात्मक शुरुआत की। वैश्विक बाजारों में जारी अनिश्चितता और आईटी (IT) सेक्टर में कमजोरी के बावजूद घरेलू बाजार विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार खरीदारी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के समर्थन से हरे निशान में खुला। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों सूचकांकों में सीमित बढ़त देखने को मिली।
बीएसई सेंसेक्स 70.51 अंक यानी 0.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,998.66 के स्तर पर खुला। वहीं एनएसई निफ्टी 50 भी 44.30 अंक यानी 0.18 प्रतिशत चढ़कर 24,361.45 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार की शुरुआत भले ही मजबूत रही, लेकिन कारोबार सीमित दायरे में चलता दिखाई दिया।
विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों, आर्थिक सुस्ती और भू-राजनीतिक तनाव को लेकर निवेशकों में सतर्कता बनी हुई है। इसके बावजूद घरेलू बाजार को FIIs की लगातार खरीदारी और क्रूड ऑयल की कीमतों में आई गिरावट से समर्थन मिल रहा है। कच्चे तेल की नरम कीमतें भारत जैसे आयातक देश के लिए सकारात्मक मानी जाती हैं, क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाते के घाटे पर दबाव कम हो सकता है।
शुरुआती कारोबार में ऑटोमोबाइल, वित्तीय और धातु (मेटल) शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी देखने को मिली। निफ्टी 50 के टॉप गेनर्स में बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व और महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) शामिल रहे।
बजाज फाइनेंस के शेयर में लगभग 6.20 प्रतिशत की जोरदार तेजी दर्ज की गई और यह करीब 1,118.80 रुपये पर कारोबार करता दिखा। बजाज फिनसर्व में 4.11 प्रतिशत की बढ़त रही और इसका शेयर लगभग 1,987.90 रुपये तक पहुंच गया। महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर में 3.08 प्रतिशत की मजबूती आई और यह करीब 3,385 रुपये के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
इसके अलावा श्रीराम फाइनेंस में 2.12 प्रतिशत, मारुति सुजुकी में 0.61 प्रतिशत और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) में लगभग 1.01 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इन शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सकारात्मक बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी ऑटो लगभग 0.96 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 0.60 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा 0.59 प्रतिशत और पीएसयू बैंक इंडेक्स 0.38 प्रतिशत की बढ़त के साथ कारोबार कर रहे थे। दूसरी ओर, आईटी शेयरों में कमजोरी बनी रही, जिससे बाजार की तेजी पर कुछ दबाव देखने को मिला।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशकों की नजर अब आने वाले कॉरपोरेट नतीजों, विदेशी निवेश के रुझान और वैश्विक आर्थिक संकेतकों पर बनी रहेगी। यदि FIIs की खरीदारी जारी रहती है और कच्चे तेल की कीमतें नियंत्रित रहती हैं, तो घरेलू बाजार को आगे भी समर्थन मिल सकता है।
फिलहाल बाजार का रुख सपाट लेकिन सकारात्मक बना हुआ है और निवेशक चुनिंदा सेक्टर्स में खरीदारी के अवसर तलाशते नजर आ रहे हैं।

