नई दिल्ली: अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त करने और पढ़ाई के बाद वहीं नौकरी करने का सपना देखने वाले लाखों विदेशी छात्रों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सरकार ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) कार्यक्रम से जुड़े वीजा पर 1 लाख डॉलर (करीब 95 लाख रुपये) तक की फीस लगाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो इसका सबसे बड़ा असर भारतीय छात्रों पर पड़ सकता है, क्योंकि अमेरिका में पढ़ाई करने वाले विदेशी छात्रों में भारतीयों की संख्या सबसे अधिक है।
OPT (Optional Practical Training) अमेरिका का एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है, जिसके तहत F-1 स्टूडेंट वीजा पर पढ़ाई पूरी करने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों को उनकी पढ़ाई से जुड़े क्षेत्र में 12 महीने तक काम करने की अनुमति मिलती है। विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) से जुड़े छात्रों को अतिरिक्त 24 महीने का विस्तार भी मिल सकता है, जिससे वे कुल तीन साल तक अमेरिका में काम कर सकते हैं।
यही कार्यक्रम विदेशी छात्रों के लिए अमेरिका को पढ़ाई के बाद करियर बनाने का एक आकर्षक विकल्प बनाता है। बड़ी संख्या में भारतीय छात्र मास्टर्स और अन्य उच्च शिक्षा कार्यक्रमों के बाद OPT के माध्यम से अमेरिकी कंपनियों में नौकरी करते हैं और आगे चलकर H-1B जैसे वर्क वीजा के लिए आवेदन करते हैं।
द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित 1 लाख डॉलर की फीस लागू होने पर OPT के तहत अमेरिका में काम करना बेहद महंगा हो जाएगा। इससे कई छात्रों के लिए पढ़ाई के बाद अमेरिका में रुककर नौकरी करना आर्थिक रूप से कठिन हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2024 में लगभग 4.19 लाख विदेशी छात्र OPT कार्यक्रम के तहत अमेरिका में कार्यरत थे, जिनमें बड़ी संख्या भारतीय छात्रों की थी।
इस प्रस्ताव को लेकर अमेरिकी टेक उद्योग में भी चिंता जताई जा रही है। कई बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों का मानना है कि विदेशी छात्र अमेरिका के नवाचार, शोध और तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उनका कहना है कि यदि OPT पर इतनी अधिक फीस लगाई जाती है, तो दुनिया भर के प्रतिभाशाली छात्र अमेरिका के बजाय कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया या अन्य देशों का रुख कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि भारतीय छात्रों के लिए अमेरिका में उच्च शिक्षा पहले से ही महंगी है। ट्यूशन फीस, रहने का खर्च, स्वास्थ्य बीमा और अन्य शैक्षणिक खर्चों के बाद यदि OPT पर अतिरिक्त भारी शुल्क लगाया जाता है, तो अमेरिका में पढ़ाई और उसके बाद नौकरी की कुल लागत काफी बढ़ जाएगी। इससे मध्यम वर्गीय भारतीय परिवारों पर विशेष आर्थिक दबाव पड़ सकता है।
हालांकि, अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। विभाग का कहना है कि विभिन्न प्रस्तावों पर विचार-विमर्श चल रहा है और आधिकारिक घोषणा होने तक किसी भी नीति को अंतिम नहीं माना जाना चाहिए।
फिलहाल भारतीय छात्रों और शिक्षा विशेषज्ञों की नजर अमेरिकी सरकार के अंतिम फैसले पर टिकी हुई है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो अमेरिका में उच्च शिक्षा और करियर की योजना बनाने वाले लाखों छात्रों की रणनीति और आर्थिक गणनाएं प्रभावित हो सकती हैं।

