4 Jul 2026, Sat

30% हाइक के लिए बदला ऑफिस, मगर 3 महीने बाद ही नौकरी चली गई; सोशल मीडिया पर छलका शख्स का दर्द

बेहतर वेतन और करियर ग्रोथ की उम्मीद में नौकरी बदलना आम बात है, लेकिन कई बार यह फैसला मुश्किल परिस्थितियों में भी डाल सकता है। ऐसा ही दावा एक युवा प्रोफेशनल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर किया है। शख्स के मुताबिक, उसने 30 प्रतिशत सैलरी हाइक के लिए पुरानी कंपनी छोड़कर नई नौकरी जॉइन की, लेकिन महज तीन महीने बाद कंपनी के रीस्ट्रक्चर में उसकी नौकरी चली गई।

नौकरी बदलते समय ज्यादातर कर्मचारी बेहतर वेतन, बड़ी जिम्मेदारी और अच्छे भविष्य की उम्मीद रखते हैं। हालांकि, कॉर्पोरेट जगत में होने वाले अचानक बदलाव कई बार कर्मचारियों की योजनाओं को पूरी तरह प्रभावित कर देते हैं। रेडिट के ‘Indian Workplace’ समुदाय में साझा की गई एक पोस्ट इन दिनों इसी वजह से चर्चा में है।

पोस्ट शेयर करने वाले कर्मचारी ने दावा किया कि वह बी2बी SaaS और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में आठ साल से अधिक अनुभव रखने वाला कंटेंट और प्रोडक्ट मार्केटिंग मैनेजर है। कुछ महीने पहले उसने वेग्राउंड, जिसे पहले क्विजिज के नाम से जाना जाता था, में 30 प्रतिशत वेतन वृद्धि के साथ नौकरी का प्रस्ताव स्वीकार किया था।

नौकरी के लिए बदलना पड़ा शहर

कर्मचारी के अनुसार, नई भूमिका पूरी तरह ऑफिस से जुड़ी थी और सप्ताह में पांच दिन कार्यालय आना जरूरी था। इस कारण उसे नई जगह स्थानांतरित होना पड़ा। पोस्ट में दावा किया गया कि कंपनी ने उसकी हवाई यात्रा, सामान की पैकिंग, ट्रांसपोर्ट और मकान के ब्रोकरेज सहित स्थानांतरण से जुड़े खर्चों की भरपाई की थी।

उसे उम्मीद थी कि नई नौकरी लंबे समय तक उसके करियर को मजबूती देगी। इंटरव्यू के दौरान उसे बताया गया था कि कंपनी अपने बी2सी बिजनेस मॉडल से आगे बढ़ते हुए बी2बी कारोबार पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रही है। कर्मचारी का कहना है कि उसने नए काम को जल्दी समझ लिया और कई आगामी कंटेंट प्रोजेक्ट्स की योजना बनाने में भी योगदान देना शुरू कर दिया था।

रीस्ट्रक्चर में गई नौकरी

हालात तब बदल गए, जब कंपनी ने बड़े स्तर पर रीस्ट्रक्चर की घोषणा की। पोस्ट के मुताबिक, इस प्रक्रिया में कंपनी के करीब 15 प्रतिशत कर्मचारियों की छंटनी कर दी गई। प्रभावित लोगों में पोस्ट लिखने वाला कर्मचारी भी शामिल था।

उसने दावा किया कि यह कंपनी के इतिहास की सबसे बड़ी छंटनी में से एक थी। इसमें पूरी टीमों के साथ-साथ वरिष्ठ इंजीनियर, नए ग्रेजुएट और कई अनुभवी प्रोफेशनल्स भी प्रभावित हुए। नई जगह जाने और केवल तीन महीने काम करने के बाद नौकरी चले जाने से कर्मचारी ने अपनी निराशा जाहिर की।

छोटे कार्यकाल को लेकर जताई चिंता

अब दोबारा नौकरी तलाश रहे कर्मचारी ने चिंता जताई कि भर्तीकर्ता उसके छोटे कार्यकाल को किस नजरिए से देखेंगे। उसने बताया कि आठ साल के करियर में वह छह कंपनियों में काम कर चुका है और अधिकतर जगह उसका कार्यकाल एक से डेढ़ साल के बीच रहा है।

कर्मचारी ने रेडिट यूजर्स से पूछा कि क्या तीन महीने में नौकरी छूटना उसके रिज्यूमे पर नकारात्मक असर डालेगा और इंटरव्यू के दौरान उसे इस घटना के बारे में किस तरह बताना चाहिए।

यूजर्स ने ईमानदारी से सच बताने की दी सलाह

पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कई यूजर्स ने कर्मचारी को भरोसा दिलाया कि कंपनी की छंटनी को उसकी खराब परफॉर्मेंस से जोड़कर नहीं देखा जाएगा। लोगों ने सलाह दी कि वह इंटरव्यू में साफ बताए कि उसकी नौकरी बड़े स्तर पर हुए रीस्ट्रक्चर के कारण गई थी।

एक यूजर ने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उसने भी इंटरव्यू लेने वालों को कंपनी में हुई सामूहिक छंटनी के बारे में ईमानदारी से बताया था। बाद में उसे नई नौकरी मिल गई और भर्तीकर्ताओं ने उसकी पारदर्शिता की सराहना भी की।

यह वायरल पोस्ट कॉर्पोरेट नौकरी की अनिश्चितताओं और केवल वेतन वृद्धि के आधार पर नौकरी बदलने से जुड़े जोखिमों पर एक नई बहस छेड़ रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *