अडाणी समूह की प्रमुख कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट यानी QIP के जरिए सफलतापूर्वक 15,000 करोड़ रुपये जुटाए हैं। कंपनी के शेयर बिक्री कार्यक्रम को संस्थागत निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली और करीब 38,000 करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुईं। यह शुरुआती 10,000 करोड़ रुपये के बेस इश्यू के मुकाबले लगभग 3.8 गुना मांग है।
नई दिल्ली: अडाणी एंटरप्राइजेज के QIP में विदेशी और घरेलू दोनों तरह के संस्थागत निवेशकों ने दिलचस्पी दिखाई। मीडिया रिपोर्ट्स में मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों के हवाले से बताया गया कि कैपिटल ग्रुप, गोल्डमैन सैक्स, ब्लैकरॉक, ब्लैकस्टोन और नोमुरा जैसे बड़े वैश्विक निवेशकों ने इस शेयर बिक्री कार्यक्रम में हिस्सा लिया।
घरेलू निवेशकों में एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, कोटक महिंद्रा एएमसी और एसबीआई फंड्स मैनेजमेंट सहित कई प्रमुख संस्थानों की भागीदारी की जानकारी सामने आई है। विदेशी और घरेलू संस्थानों की मजबूत मांग को कंपनी की विस्तार योजनाओं में निवेशकों के भरोसे के रूप में देखा जा रहा है।
₹10,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹15,000 करोड़ किया इश्यू
अडाणी एंटरप्राइजेज ने 2 जुलाई 2026 को QIP लॉन्च किया था। शुरुआत में कंपनी ने इसके जरिए 10,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई थी। इसके साथ 5,000 करोड़ रुपये का ग्रीनशू विकल्प भी रखा गया था।
निवेशकों की ओर से उम्मीद से ज्यादा मांग आने के बाद कंपनी ने इश्यू का आकार 50 प्रतिशत बढ़ाकर 15,000 करोड़ रुपये कर दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शेयर बिक्री के लिए करीब 38,000 करोड़ रुपये की बोलियां प्राप्त हुईं।
₹2,883 प्रति शेयर रही सांकेतिक कीमत
QIP के लिए 3,034.68 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस निर्धारित किया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने शेयरों की सांकेतिक कीमत 2,883 रुपये प्रति शेयर रखी। यह नियामकीय फ्लोर प्राइस से लगभग पांच प्रतिशत कम थी।
यह कीमत 2 जुलाई को शेयर के 3,177.50 रुपये के बंद भाव की तुलना में करीब 9.3 प्रतिशत की छूट पर थी। किसी QIP में कंपनी को नियमों के तहत निर्धारित फ्लोर प्राइस पर सीमित छूट देने की अनुमति होती है।
कहां खर्च की जाएगी QIP से मिली रकम?
अडाणी एंटरप्राइजेज QIP से प्राप्त राशि का इस्तेमाल अपने विभिन्न कारोबारों के विस्तार के लिए करेगी। कंपनी के प्रमुख क्षेत्रों में एयरपोर्ट, सड़क, डेटा सेंटर, ग्रीन हाइड्रोजन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार शामिल हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, रकम का एक हिस्सा पूंजीगत खर्च के लिए इस्तेमाल होगा। इसमें पॉलीविनाइल क्लोराइड यानी PVC संयंत्र का निर्माण और सड़क परियोजनाओं से जुड़ी कन्सेशन फीस का भुगतान भी शामिल है। इसके अतिरिक्त रकम का इस्तेमाल कर्ज चुकाने, सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों और संभावित रणनीतिक निवेश के लिए किया जा सकता है।
यह अडाणी एंटरप्राइजेज की हाल के वर्षों की सबसे बड़ी संस्थागत फंड जुटाने की गतिविधियों में से एक है। इससे पहले कंपनी ने अक्टूबर 2024 में QIP के जरिए लगभग 4,200 करोड़ रुपये जुटाए थे, जबकि 2025 में 25,000 करोड़ रुपये का राइट्स इश्यू भी लाया गया था।
QIP को मिली मजबूत मांग से संकेत मिलता है कि वैश्विक और घरेलू संस्थागत निवेशक कंपनी की दीर्घकालिक विस्तार योजनाओं में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। हालांकि शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है और निवेशकों को निर्णय लेने से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श करना चाहिए।

